सड़क ताजी है, इसलिए हाथ से हट गई – पीडब्लूडी अधिकारी, गुणवत्ता में नंगा नाच, जांच के आदेश।

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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अमृतपुर/फर्रुखाबाद/

लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा अमृतपुर क्षेत्र में बनाई जा रही एक नई सड़क के निर्माण में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। हालात यह हैं कि नई नवेली सड़क हाथों से ही उखड़ने लगी है, जिसके बाद ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के तूल पकड़ने और सड़क उखड़ने के वीडियो वायरल होने के बाद PWD के अधिशासी अभियंता (XEN) ने जांच के लिए अधिकारियों की टीम मौके पर भेज दी है।

साढ़े चार किलोमीटर लंबी है सड़क जानकारी के अनुसार, राजपुर से गुडेरा होते हुए पिथनापुर कोला सोता संपर्क मार्ग पर पिछले एक सप्ताह से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डामर में गिट्टियां अलग-अलग नजर आ रही हैं और सड़क की परत हाथ से खींचने पर ही उखड़ रही है। इसके अलावा, सड़क की सही लेवलिंग न होने के कारण उस पर चलने पर अधिक उछाल महसूस होने की शिकायतें भी आ रही हैं।

ग्रामीणों ने लगाया सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

पिथनापुर के स्थानीय निवासी अतुल दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सड़क बेहद घटिया बन रही है। इसमें पर्याप्त डामर और सामग्री नहीं डाली गई है, बल्कि केवल गिट्टियां मिलाकर दो इंच की पतली परत बिछा दी गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग है। वहीं, एक अन्य ग्रामीण शिवमंगल सिंह ने भी सड़क के सही ढंग से न बनने और समतलीकरण न होने की शिकायत दर्ज कराई है। गुरुवार को रिकॉर्ड किए गए इन बदहाली के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

अधिकारियों का पक्ष: “सड़क ताजी है, इसलिए हाथ से हट गई”

इस पूरे प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद, खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) अशोक कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) अंकित कुमार और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) राकेश यादव को मौके पर जांच के लिए भेज दिया गया है।

हालांकि, अधिशासी अभियंता ने निर्माण प्रक्रिया के बचाव में तकनीकी तर्क भी दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सड़क में ‘कुटाई की परत’ का कोई प्रावधान नहीं है और मानकों के अनुसार इसमें केवल 2 सेंटीमीटर की पीसी (प्रीमिक्स कारपेट) बिछाई जानी होती है। उन्होंने अजीबोगरीब दलील देते हुए कहा कि “चूंकि सड़क अभी ताजी बनी है, इसलिए यह हाथ लगाने से हट गई है।” अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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