फर्रुखाबाद/
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के दूसरे दिन शुक्रवार को जिले में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त नजर आई। जनपद के 22 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा कक्ष तक कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। हालात यह रहे कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले कई स्तरों की जांच से गुजरना पड़ा। महिलाओं के कंगन, कानों की बालियां और हेयर क्लेचर तक उतरवाए गए, वहीं पुरुष अभ्यर्थियों के लॉकेट और कुछ केंद्रों पर जूते भी खुलवाकर जांच की गई।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित रही। प्रत्येक पाली में आठ हजार से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था रही। परीक्षा में शामिल होने के लिए फर्रुखाबाद के अलावा आजमगढ़, हरदोई, कन्नौज, इटावा और मैनपुरी समेत कई अन्य जनपदों से भी अभ्यर्थी पहुंचे। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
दो स्तर की जांच के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन
परीक्षा केंद्रों पर सुबह आठ बजे से अभ्यर्थियों को प्रवेश देना शुरू कर दिया गया। मुख्य द्वार पर ही सुरक्षा कर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से जांच की। इसके बाद दूसरे स्तर पर दोबारा जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अधिकारियों की निगरानी में प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान और प्रवेश संबंधी औपचारिकताओं को पूरा कराया गया। किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित वस्तु परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती गई।
महिला अभ्यर्थियों के कंगन-बालियां उतरवाए
सख्त जांच का असर महिला अभ्यर्थियों पर भी देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचीं महिलाओं के हाथों में पहने कंगन, कानों की ईयररिंग और बालों में लगे क्लेचर तक उतरवा लिए गए। कन्नौज से परीक्षा देने पहुंचीं प्रीति के कंगन उतरवाए गए, जबकि श्वेता को अपनी ईयररिंग भी निकालनी पड़ी। इसके अलावा पुरुष और महिला दोनों वर्गों के अभ्यर्थियों के गले में पहने लॉकेट भी जांच के दौरान उतरवा लिए गए।
जूते और चश्मे तक की हुई बारीकी से पड़ताल
क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में सुरक्षा जांच के दौरान पुरुष अभ्यर्थियों के जूते भी उतरवाकर चेक किए गए। वहीं एनएकेपी डिग्री कॉलेज में चश्मा लगाकर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के चश्मे भी उतरवाकर उनकी जांच की गई। इन व्यवस्थाओं के चलते प्रवेश प्रक्रिया में विशेष सतर्कता दिखाई दी और अभ्यर्थियों को जांच की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली।
कंट्रोल रूम से 22 केंद्रों पर निगरानी
परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस लाइन में विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया। यहां से जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके साथ ही प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों को भी बंद रखा गया, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
