पांचाल घाट गंगा पुल का ज्वाइंट टूटा, नेशनल हाईवे पर लगा लंबा जाम , आर-पार दिखने लगी नदी; बड़े हादसे की आशंका से दहशत में राहगीर |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद/

इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर स्थित ऐतिहासिक पांचाल घाट गंगा पुल की जर्जर हालत एक बार फिर सामने आ गई है। गुरुवार को पुल का एक मुख्य एक्सपेंशन ज्वाइंट अचानक टूट गया, जिससे वहां लगा भारी लोहे का तख्ता उखड़कर दूर जा गिरा। घटना के बाद पुल के बीचों-बीच करीब एक फुट गहरा गड्ढा बन गया, जिसके कारण नीचे का हिस्सा साफ दिखाई देने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को तत्काल यातायात को नियंत्रित करना पड़ा और वाहनों को एक-एक कर निकाला जाने लगा। इससे पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक जाम की समस्या से जूझना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ज्वाइंट टूटने के बाद पुल पर अचानक तेज आवाज हुई और लोहे का तख्ता अपनी जगह से उखड़ गया। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा वाहन सीधे उस हिस्से से नहीं गुजर रहा था, अन्यथा गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। पुल पर बने गड्ढे और खुले लोहे के हिस्सों को देखकर वाहन चालक भयभीत नजर आए।

55 साल पुराना पुल अब बन रहा चिंता का कारण

पांचाल घाट गंगा पुल का निर्माण वर्ष 1968 में शुरू हुआ था और जून 1971 में यह बनकर तैयार हुआ था। लगभग 55 वर्ष पुराने इस पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के विभिन्न ज्वाइंट्स में समय-समय पर तकनीकी खामियां सामने आती रहती हैं। कई बार लोहे की प्लेटें और एंगल बाहर निकल आते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पुल के नियमित रखरखाव और मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि समय-समय पर पुल पर ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

हजारों वाहनों की जीवनरेखा है पांचाल घाट पुल

इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। पांचाल घाट गंगा पुल इस मार्ग की सबसे अहम कड़ी है, जहां से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, बसें, ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। पुल में आई इस तकनीकी खराबी के कारण पूरे मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।

वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय या तेज गति से आने वाले वाहन यदि इस खुले हिस्से से गुजरें तो बड़ा हादसा हो सकता है। कई लोगों ने पुल की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है।

प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों ने प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग से पुल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल की व्यापक जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुल की संरचनात्मक मजबूती का परीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराए जाने चाहिए। फिलहाल पुल पर आवागमन सावधानी के साथ जारी है, लेकिन हर गुजरते वाहन के साथ दुर्घटना की आशंका लोगों को भयभीत कर रही है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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