फर्रुखाबाद/
जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मौतों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त होने जा रहा है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों, ओवरस्पीडिंग करने वाले चालकों तथा यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता सांसद मुकेश राजपूत ने की।
बैठक में अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सड़क सुरक्षा व्यवस्था, दुर्घटनाओं के कारणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रभावी और परिणामदायी कदम उठाए जाएं।
दुर्घटनाओं और मौतों में चिंताजनक बढ़ोतरी
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों ने सभी को चिंता में डाल दिया। वर्ष 2025 में जिले में 490 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 284 लोगों की मौत हुई थी जबकि 379 लोग घायल हुए थे। वहीं वर्ष 2026 के केवल मई माह तक के आंकड़े ही दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का संकेत दे रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि बढ़ती दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती हैं और इनके नियंत्रण के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक हादसों के शिकार
बैठक में एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने बताया कि मई 2026 तक हुई 214 सड़क दुर्घटनाओं में से 140 हादसों में कम से कम एक दोपहिया वाहन शामिल था। इन दुर्घटनाओं में 80 लोगों की मौत हुई और 119 लोग घायल हुए।
आंकड़ों के अनुसार कुल दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि मृतकों में भी इनकी हिस्सेदारी लगभग 59 प्रतिशत दर्ज की गई। विशेष रूप से 27 ऐसे हादसे सामने आए जिनमें दोनों वाहन दोपहिया थे और उनमें 16 लोगों की जान चली गई।
एआरटीओ ने कहा कि अधिकांश मामलों में हेलमेट का प्रयोग न करना मौत का प्रमुख कारण पाया गया है। उन्होंने लोगों से सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील की।
पुलिस और परिवहन विभाग का बड़ा अभियान
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में मई तक जहां 7,063 चालान किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 30,361 तक पहुंच गई है।
परिवहन विभाग ने भी हेलमेट न पहनने वाले 1,464 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। मई 2026 तक पुलिस विभाग ने 58,870 वाहनों का चालान करते हुए 281 वाहनों को सीज किया और 45.61 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। वहीं परिवहन विभाग ने 2,079 वाहनों का चालान, 337 वाहनों को सीज तथा 105.47 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है।
146 ड्राइविंग लाइसेंस किए गए निलंबित
सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों के तहत इस वर्ष मई तक 146 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 85 थी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी नियम तोड़ने वालों पर इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
‘हिट एंड रन’ मामलों ने बढ़ाई चिंता
बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2026 में मई तक जिले में 45 हिट एंड रन की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 38 लोगों की मौत हो गई और 18 लोग घायल हुए। ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर होंगे सुधार कार्य
सांसद मुकेश राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां तत्काल सुधारात्मक कार्य किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर से जुड़े प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाने, संकेतक बोर्ड लगाने तथा सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विशेष जोर दिया।
