भूमि विवाद में परिवार की भूख हड़ताल, राजस्व विभाग ने दी सफाई |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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राजेपुर।

थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया में पैतृक भूमि विवाद को लेकर एक परिवार आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठ गया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे गांव निवासी गिरीश चंद्र मिश्रा अपनी पत्नी गायत्री, पुत्री सुमन, पुत्र देवेश तथा बहू गंगा देवी के साथ अनशन पर बैठ गए।

गिरीश चंद्र मिश्रा का आरोप है कि करीब 7 डिसमिल भूमि पर उनका पिछले 40 वर्षों से कब्जा है, लेकिन गांव के ही दूसरे पक्ष के रमाकांत, ओमकार और अरुण द्वारा उक्त भूमि पर मिट्टी डलवाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि वह उक्त भूमि पर बाबू कल्याण सिंह के नाम से पार्क बनवाना चाहते हैं, लेकिन न्याय न मिलने के कारण परिवार सहित भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी।

वहीं दूसरे पक्ष के रमाकांत का कहना है कि अंबरपुर मोड़ के निकट लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए उन्होंने अपनी 14 डिसमिल भूमि दी थी, जिसके बदले में उन्हें यह जमीन मिलने की प्रक्रिया चल रही है। रमाकांत ने बताया कि उन्होंने 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में जा रही अपनी भूमि एवं मकान के मुआवजे को लेकर न्याय की गुहार लगाई थी।

रमाकांत के अनुसार ग्राम सभा अंबरपुर की गाटा संख्या 202 एवं 203 की भूमि एक्सप्रेसवे परियोजना में प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि गाटा संख्या 203 में बने मकान का सही मूल्यांकन नहीं किया गया, जबकि मकान निर्माण में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से अपनी उपस्थिति में मकान का पुनः सर्वे कराकर निष्पक्ष जांच के बाद उचित मुआवजा निर्धारित किए जाने की मांग की है।

इसी बीच पूरे मामले पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक अतुल कुमार ने बताया कि जिस भूमि को लेकर विवाद और आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सरकारी जमीन है, जिस पर पहले से एक पक्ष का कब्जा था। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष की भूमि लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना में जा रही है और उसका बैनामा होना प्रस्तावित है।

राजस्व निरीक्षक के अनुसार जिन चार परिवारों की भूमि लिंक एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहित हो रही है और जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं बचेगी, उन्हें बसाने के लिए इसी सरकारी जमीन से प्रति परिवार 2 डिसमिल के हिसाब से कुल 8 डिसमिल भूमि दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैनामे की प्रक्रिया के दौरान संबंधित परिवारों की मूल भूमि से उतनी ही 8 डिसमिल जमीन की कटौती कर ली जाएगी।

विवाद की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। दरोगा जगदीश वर्मा ने घटनास्थल का जायजा लिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। थाना प्रभारी राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि मामला राजस्व विभाग से संबंधित भूमि विवाद का है। क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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