युवाओं को उद्यम स्थापना और स्वरोजगार की योजनाओं की दी जानकारी
एटा । राजकीय आईटीआई एटा में मंगलवार को उद्यमी लॉन्चपैड के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों और संभावित लाभार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित कार्यशाला में लगभग 200 से 250 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की उपायुक्त उद्योग अर्चना कुमारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है। युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कौशल और स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतारने और उपलब्ध सरकारी सहायता का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यशाला में समाधान समिति के विशेषज्ञ हार्दिक रावत एवं देवेंद्र मोहन शर्मा ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा), एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी, तकनीकी उन्नयन योजना, एमएसएमई प्रमोशन पॉलिसी-2022, आरएएमपी और प्लेज स्कीम सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, बैंक ऋण, अनुदान, मार्जिन मनी, टूलकिट वितरण, तकनीकी उन्नयन और निर्यात प्रोत्साहन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार को करियर के रूप में अपनाने और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य डॉ. मो. आसिफ ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं कौशल विकास मिशन से संबंधित जानकारी दी। वहीं भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर अनिल मेहरा ने ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सहयोग के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। संचालन सहायक प्रबंधक इन्द्रपाल सिंह ने किया।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंककर्मी, उद्यमी, विद्यार्थी और संभावित लाभार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना, उद्यमिता को बढ़ावा देना और जनपद में रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित करना रहा।
