फर्रुखाबाद।
हरियाणा में पत्रकारों की गिरफ्तारी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर पत्रकार संगठनों में नाराजगी बढ़ने के बीच उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में भी विरोध के स्वर बुलंद हुए। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) के बैनर तले पत्रकारों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई और प्रधानमंत्री के नाम एडीएम न्यायिक दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकरण में न्यायपूर्ण कार्रवाई होनी चाहिए और पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उपजा जिलाध्यक्ष सूर्या बाजपेई (जापान) के नेतृत्व में पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से हरियाणा में पत्रकार अतुल अग्रवाल, सौरभ उपाध्याय और सुदेश नैन मौर की गिरफ्तारी के मामले को प्रमुखता से उठाया। पत्रकारों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके और किसी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पत्रकारों की आवाज दबाने के बजाय निष्पक्ष जांच हो
ज्ञापन सौंपने के दौरान पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार समाज की समस्याओं, जनहित के मुद्दों और प्रशासनिक गतिविधियों को जनता के सामने लाने का काम करते हैं। ऐसे में पत्रकारों से जुड़े किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई बेहद जरूरी है। पत्रकारों ने इस बात पर जोर दिया कि कानून के तहत सभी को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पत्रकारिता के स्वतंत्र एवं निर्भीक वातावरण को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो और उनके खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई में कानून तथा निष्पक्षता के सिद्धांतों का पालन किया जाए।
एकजुट होकर पत्रकारों ने उठाई आवाज
हरियाणा में पत्रकारों की गिरफ्तारी के विरोध में फर्रुखाबाद में पत्रकारों की एकजुटता देखने को मिली। उपजा के नेतृत्व में एकत्रित पत्रकारों ने ज्ञापन के जरिए सरकार से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग की। पत्रकारों का कहना था कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच के आधार पर नियमानुसार उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
इस दौरान पत्रकारों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा केवल किसी एक संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन, अब सरकार के कदम पर नजर
उपजा जिलाध्यक्ष सूर्या बाजपेई (जापान) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाईं। उन्होंने अतुल अग्रवाल, सौरभ उपाध्याय और सुदेश नैन मौर की गिरफ्तारी के पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराने के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जितेंद्र दुबे, अनुभव, अमित सक्सेना, दिलीप कटियार, विश्वप्रकाश चतुर्वेदी, राजीव सहित करीब एक दर्जन पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग उठाई।
