फर्रुखाबाद/
इटावा-बरेली हाईवे पर तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर जिंदगी पर भारी पड़ गया। अपने रिश्तेदार का हाल जानने फर्रुखाबाद आए 56 वर्षीय किसान गिरीश कुमार को क्या पता था कि घर लौटने से पहले ही उनके साथ ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा, जो पूरे परिवार को जिंदगी भर का गम दे जाएगा। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में हाईवे पार करते समय एक रोडवेज बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल किसान को एंबुलेंस की मदद से लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। जांच के बाद चिकित्सकों ने गिरीश कुमार को मृत घोषित कर दिया। उधर, हादसे के बाद बस चालक के वाहन समेत मौके से फरार होने की बात सामने आई है। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
रिश्तेदार को देखने मेडिकल कॉलेज आए थे गिरीश
जानकारी के मुताबिक, शाहजहांपुर जिले के हुल्लापुर निवासी गिरीश कुमार (56) खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। सोमवार देर शाम करीब सात बजे वह फर्रुखाबाद के बघार स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती अपने एक रिश्तेदार को देखने आए थे। रिश्तेदार का हाल जानने के बाद वह इटावा-बरेली हाईवे पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गिरीश कुमार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
टक्कर मारकर चालक फरार, सड़क पर तड़पते रहे किसान
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्ष रूप से घटना की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्राप्त विवरण के अनुसार, बस की टक्कर से किसान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बताया गया कि हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर मौके से चला गया। गंभीर हालत में पड़े गिरीश कुमार को एंबुलेंस की मदद से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। परिजन और आसपास के लोग उनके ठीक होने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही परिवार की उम्मीदें मातम में बदल गईं।
मोर्चरी में रखवाया गया शव, पुलिस को दी गई सूचना
अस्पताल में किसान की मौत की पुष्टि होने के बाद उनके शव को लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई। हादसे के बाद बस चालक के मौके से फरार होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, चालक और बस की पहचान तथा पुलिस की आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
खेती करके परिवार चलाते थे गिरीश, पीछे छोड़ गए पत्नी और पांच बच्चे
गिरीश कुमार की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके बेटे राजीव के मुताबिक, परिवार में एक बेटा और चार बेटियां हैं। सभी बेटियों की शादी हो चुकी है। गिरीश की पत्नी श्याम कुमारी पति की मौत से गहरे सदमे में हैं। जिस व्यक्ति ने जीवनभर मेहनत करके परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
हाईवे पर रफ्तार का खतरा, एक हादसे ने उजाड़ दिया परिवार
इटावा-बरेली हाईवे पर वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पार करना जोखिम भरा हो सकता है। तेज रफ्तार वाहनों के कारण जरा-सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत उजागर की है। वाहन चालकों को यातायात नियमों और निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए, वहीं पैदल राहगीरों को भी सड़क पार करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
