फर्रुखाबाद/
शहर में नगर पालिका की घोर लापरवाही एक बार फिर लोगों की जान पर भारी पड़ती दिखाई दी। मोहल्ला नबाब नियामत खां पश्चिम स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर के बाहर लगे सरकारी वाटर कूलर में करंट उतर आने से पानी पीने गया एक मासूम उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार दिलीप कुमार का पुत्र देवा शनिवार को प्यास लगने पर मंदिर के बाहर लगे सरकारी वाटर कूलर से पानी पीने पहुंचा। जैसे ही उसने कूलर को छुआ, उसमें दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया और जोरदार झटका लगने से जमीन पर गिर पड़ा। बच्चे को तड़पता देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली की सप्लाई बंद कराई और परिजनों की मदद से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में नगर पालिका के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। वार्ड संख्या-16 के निवासी सूजल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि संबंधित वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा था। कई बार उसमें करंट आने और खराबी की शिकायत नगर पालिका से की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि पहले सुरक्षा के लिहाज से कूलर की बिजली काट दी गई थी, लेकिन बाद में बिना जांच के दोबारा सप्लाई चालू कर दी गई, जिसका खामियाजा एक मासूम को भुगतना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते वाटर कूलर की मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा नहीं होता। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर नगर पालिका सार्वजनिक स्थानों पर लगे विद्युत उपकरणों की नियमित जांच क्यों नहीं कराती। उनका कहना है कि यह लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गौरतलब है कि शहर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले आईटीआई क्षेत्र में भी एक खराब वाटर कूलर में करंट आने से एक बच्चा हादसे का शिकार हो चुका है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से शहर में लगे सभी सरकारी वाटर कूलरों की तत्काल तकनीकी जांच, खराब मशीनों की मरम्मत तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान खतरे में न पड़े।
