शटडाउन के बाद भी चालू हुई बिजली, ट्रांसफार्मर पर काम कर रहा हेल्पर करंट से झुलसा, जेई बोले– काम की सूचना नहीं थी |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल रेफर;

शमशाबाद/ फर्रुखाबाद/

शमशाबाद क्षेत्र में दोपहर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक गंभीर हादसा सामने आया। ट्रांसफार्मर पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से लाइनमैन का हेल्पर गंभीर रूप से झुलस गया। उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद विभागीय लापरवाही को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार, शमशाबाद थाना क्षेत्र के पसियापुर गांव निवासी करीब 30 वर्षीय धीर सिंह बिजली विभाग में लाइनमैन के साथ हेल्पर के रूप में कार्य करता है। सोमवार दोपहर वह मुरेठी गांव में एक ट्यूबवेल की विद्युत लाइन की खराबी दूर करने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहा था।

घायल धीर सिंह का आरोप है कि कार्य शुरू करने से पहले नियमानुसार विद्युत आपूर्ति का शटडाउन लिया गया था तथा ट्रांसफार्मर पर कार्य होने की सूचना देने के लिए नाम प्लेट भी लगा दी गई थी। इसके बावजूद अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही शमशाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है।

उधर, मामले में बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) जुनेद आलम ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि संबंधित ट्रांसफार्मर पर मरम्मत कार्य किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना उपकेंद्र को नहीं दी गई थी। विभाग को कार्य की जानकारी नहीं थी, इसलिए सामान्य प्रक्रिया के तहत बिजली आपूर्ति बहाल की गई। विभागीय स्तर पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि यदि वास्तव मे शटडाउन लिया गया था तो बिजली आपूर्ति दोबारा कैसे चालू हुई, और यदि शटडाउन नहीं लिया गया था तो बिना आवश्यक औपचारिकताओं के कर्मचारी को ट्रांसफार्मर पर काम करने की अनुमति कैसे मिली। मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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