जिलाधिकारी के विशेष प्रयासों से स्वशासी वीरांगना अवंतीबाई लोधी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय को मिला स्थायी पंजीकरण
*क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के अंतर्गत प्रोविजिनल मान्यता से स्थायी पंजीकरण तक पहुंचा चिकित्सा महाविद्यालय*
एटा । जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं नियामकीय मानकों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के विशेष प्रयासों एवं सतत अनुश्रवण का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। The Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010 के अंतर्गत अब तक प्रोविजिनल मान्यता के साथ संचालित स्वशासी वीरांगना अवंतीबाई लोधी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, एटा को जिला पंजीकरण प्राधिकरण द्वारा स्थायी पंजीकरण प्रदान किए जाने की संस्तुति स्वीकृत कर दी गई है।
सोमवार को जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में विशेष बैठक आयोजित कर जिला पंजीकरण प्राधिकरण की बैठक में नैदानिक संस्थानों के पंजीकरण एवं विनियमन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया,अभी तक मेडिकल कॉलेज की मान्यता न होने पर नाराजगी व्यक्त की, बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा प्रस्तुत आवेदन एवं निर्धारित मानकों का परीक्षण करते हुए उसे क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 के अंतर्गत स्थायी पंजीकरण प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह एवं मानक अनुरूप बनाने के लिए सभी चिकित्सीय संस्थानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा लगातार समीक्षा, समन्वय एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किए जाने के फलस्वरूप चिकित्सा महाविद्यालय का स्थायी पंजीकरण संभव हो सका है। यह उपलब्धि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी नैदानिक संस्थानों के पंजीकरण, नवीनीकरण एवं अन्य संबंधित कार्यवाही नियमानुसार समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराई जाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि अपंजीकृत संस्थानों के विरुद्ध अधिनियम एवं नियमों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई में तेजी लाई जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अधिनियम के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा ऐसे संस्थानों को, जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, शीघ्र पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कराने हेतु जागरूक एवं प्रेरित किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेन्द्र सिंह, आईएमए सदस्य डॉ. अनुराग प्रकाश तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल चिकित्सीय पंजीकरण डॉ. राममोहन तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
