भीषण गर्मी व तूफानी हवाओं के बीच लगी आग से दर्जन भर झोपड़ियां जलकर खाक |

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शमशाबाद /फर्रुखाबाद

अज्ञात कारणों से लगी आग से दर्जन भर झोपड़ियां जलकर खाक हजारों की नगदी घर गृहस्थी का सामान खाक आगजनी की घटना के शिकार ग्रामीण किसान मायूस पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जांच पड़ताल जारी भीषण गर्मी के दौर में पछुआ हवाएं आम जनमानस के साथ साथ गरीब किसानों को बर्बादी का संकेत देने लगी मालूम रहे बिगत दिनों पूर्व तूफानी हवाओं मध्य के बेमौसम बरसात ने गरीब किसानों को झकझोर कर रख दिया था। जब मौसम सामान्य हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली, लोगों का कहना था गेहूं जैसी फसल को जितना जल्द सुरक्षित कर लिया जाए उतना ज्यादा बेहतर होगा, पता नहीं कब आपदाएं गरीब किसानों को बर्बाद कर दे| यही सोच कर किसान खेतों में हाड़ तोड़ मेहनत के साथ लगा हुआ है लेकिन कहीं न कहीं आपदाएं किसानों पर कहर बनकर टूट रही इसका उदाहरण भी विकासखंड शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम समोचीपुर चितार में देखने को मिला यहां अज्ञात कारणों के चलते लगभग एक दर्जन झोपड़ियां आग से जलकर खाक हो गई साथ ही हजारों की नगदी सहित लाखों रुपए का नुकसान हो गया। बताया गया है गुरुवार की सुबह 9:00 बजे के करीब ज्यादातर लोग खेतों में गेहूं कटाई कर रहे थे कुछ लोग मजदूरी पर थे इसी दौरान अज्ञात कारणों से आग लग गई जब लोगों ने इस नजारे को देखा तो हड़कंप मच गया चीख पुकार मच गई जैसे तैसे लोगों ने एक दूसरे को घटना की जानकारी दी काम छोड़ लोग गांव की ओर दौड़े

आगजनी की घटना के नजारे को देख ग्रामीण किसानों का हाल बेहाल था| ग्रामीणों ने ने हिम्मत का परिचय देकर पांच सौ मीटर दूर गंगा नदी में पाइप डालकर डीजल इंजन के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया बताते हैं इससे पूर्व फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी गई थी लेकिन अपरान्ह कारणों से फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं आ सकी थी कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे तैसे आग पर काबू तो पाया मगर सव कुछ खाक होने के बाद आगजनी की घटना में खुश मोहम्मद पुत्र शाहनवाज का सर्वाधिक नुकसान हुआ कुछ दिन पूर्व उन्होंने तरबूज की फसल का विक्रय किया था लगभग ₹80000 घर पर रखा था इसके अलावा 40 कुंतल गेहूं जो मेहनत मजदूरी के जरिए इकट्ठा किया गया था आटा चक्की एवं घर गृहस्ती का सारा सामान जलकर खाक हो गया | बताया गया है जिस वक्त आग लगी उस वक्त खुश मोहम्मद खेतों में थे पत्नी तरजीना भी तरबूज के खेतों में थी घर पर कोई नहीं था इसी तरह नौशाद शमशाद रुखसार तथा मैसाद की भी झोपड़िया जलकर खाक हो गई बताते हैं झोपड़ियो में घर गृहस्ती का सामान रजाई गद्दा बिस्तर राशन गेहूं चावल के अलावा जानबरो का चारा भूसा आदि जल गया बताया गया है अधिकांश लोगों के घरों में ₹5000 लेकर दस हजार तक की नगदी बो भी जलकर खाक हो गई ईदुल की गृहस्थी के साथ-साथ राशन नगदी भी जल गई एक भैंस एक पढ़िया लगभग 80% जल गई आग का विकराल रूप यही नहीं रुका आगे हसीन तथा शाहरुख सेन सहित एक दर्जन झोपड़ियां जलकर खाक हो गई सूचना के बाद थाना अध्यक्ष शमशाबाद रमेश सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से गंगा नदी में पाइप डलवा कर डीजल इंजन के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया | ग्राम प्रधान सिजवान ने सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी उन्होंने बताया आग कैसे लगी यह तो नहीं पता इतना जरूर इस आगजनी की घटना में लगभग एक दर्जन से ज्यादा झोपड़ियां जलकर खाक हो गई उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा हो सकता है यह आग चूल्हे की राख से निकली चिंगारी से लगी हो झोपड़ियो में जीवन यापन करने वाले गरीबों का सब कुछ जलकर खाक हो गया घटना की जानकारी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच पड़ताल की आगजनी की घटना के शिकार ग्रामीण किसान मजदूर दहाड़े बिलखते नजर आए लोगों का कहां था क्या कुदरत को यही मंजूर था

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