रिपोर्ट सौरभ दीक्षित |
फर्रुखाबाद |
थाना कादरीगेट क्षेत्र में हरियाणा के प्रमुख कारोबारी अरुण हुड्डा की दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को कानपुर जोन के डीआईजी ने फर्रुखाबाद पहुंचकर खुद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।
जमीनी विवाद और सुपारी किलिंग का शक
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस हत्या के पीछे जमीनी विवाद को मुख्य वजह मानकर चल रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी बड़े जमीनी रंजिश के तहत पेशेवर यानी भाड़े के शूटरों (सुपारी किलर) का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया गया है। डीआईजी ने पुलिस की गठित विशेष टीमों को सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से छानबीन करने और मुख्य मास्टरमाइंड तक जल्द से जल्द पहुँचने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सावन को लेकर गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था भी परखी
कारोबारी हत्याकांड की समीक्षा के बाद, डीआईजी ने सावन माह के मद्देनजर गंगा घाटों का भी निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए:
- सुरक्षा बल: घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
- नाविक व गोताखोर: किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कुशल नाविकों और गोताखोरों की मुस्तैदी सुनिश्चित हो।
- सतर्कता: आपातकालीन स्थिति के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहे।
बड़ा सवाल: कौन है इस हत्या का मास्टरमाइंड?
- क्या वाकई करोड़ों की जमीन के चक्कर में सुपारी देकर कराई गई यह हत्या?
- कौन हैं वे नकाबपोश शूटर जिन्होंने दिनदहाड़े दिया वारदात को अंजाम?
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और सर्विलांस टीम की सक्रियता से उम्मीद जताई जा रही है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा बहुत जल्द उठ सकता है।
वाईट.डीआईजी जमुना प्रसाद कानपुर परिक्षेत्र |


