राजकीय आईटीआई एटा के अनुदेशक श्री अभिषेक यादव लखनऊ में ‘कौशलाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित
एटा/लखनऊ, 15 जुलाई 2026: विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के पावन अवसर पर जनपद एटा का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), एटा में कार्यरत अनुदेशक श्री अभिषेक यादव को कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय ‘कौशलाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।
राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रशिक्षण निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विभाग के माननीय मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल द्वारा श्री अभिषेक यादव को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, नवाचार तथा प्रशिक्षुओं को रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु दक्ष बनाने के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में जनपद एटा से श्री अभिषेक यादव के साथ श्री लोकेश सिंह ने भी प्रतिभाग किया।
प्रधानाचार्य ने दी बधाई:
इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर राजकीय आईटीआई, एटा के प्रधानाचार्य डॉ. मो. आसिफ ने लखनऊ में सम्मानित होकर लौटे दोनों संकायों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह पूरे जनपद और संस्थान के लिए गर्व का क्षण है।
संस्थान और स्टाफ का जताया आभार:
इस ऐतिहासिक अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए श्री अभिषेक यादव ने कहा, “आज का यह दिन मेरे जीवन के सबसे गौरवशाली क्षणों में से एक है। माननीय मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में यह सम्मान प्राप्त करना सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि युवाओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी का अहसास है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि किताबी ज्ञान इंसान को साक्षर बना सकता है, लेकिन ‘कौशल’ उसे आत्मनिर्भर बनाता है। जब एक युवा वर्कशॉप में कदम रखता है, तो वह आने वाले कल के आत्मनिर्भर भारत का शिल्पकार होता है। हम युवाओं को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘मेक इन इंडिया’ और माननीय मुख्यमंत्री जी के ‘कौशल सतरंग’ जैसे दूरदर्शी संकल्पों को धरातल पर सच करने के लिए तैयार कर रहे हैं।
इस गौरवपूर्ण मुकाम पर पहुँचने पर श्री अभिषेक यादव ने अपने प्रधानाचार्य डॉ. मो. आसिफ और संस्थान के समस्त स्टाफ साथियों का हृदय से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान के सहयोग और टीम वर्क के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। उन्होंने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष, सक्षम और स्वावलंबी बनाने के इस महायज्ञ में अपना सर्वस्व योगदान देते रहेंगे।
