फर्रुखाबाद न्यूज़:- बिजली विभाग के नए नियमों के खिलाफ व्यापारियों का हल्लाबोल; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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रिपोर्ट सुधीर सिंह |

कायमगंज/फर्रुखाबाद/

प्रदेश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) की कायमगंज इकाई ने तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन उप जिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से सौंपा, जिसमें बिजली विभाग की जनविरोधी नीतियों और लगातार बढ़ रहे आर्थिक बोझ पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

व्यापार मंडल का आरोप है कि बिजली विभाग लगातार नए और जटिल नियम लागू कर व्यापारियों और आम जनता की जेब पर डाका डाल रहा है, जिससे प्रदेश का व्यापार और उद्योग जगत पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

मीटर शुल्क में 7 गुना वृद्धि पर भड़के व्यापारी

ज्ञापन में मुख्य रूप से दो किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन पर मीटर शुल्क में की गई बेतहाशा वृद्धि का मुद्दा उठाया गया। पदाधिकारियों ने बताया कि मीटर शुल्क को लगभग सात गुना बढ़ाकर 750 रुपये से सीधे 5300 रुपये कर दिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि यह वृद्धि पूरी तरह अनुचित है और इसका सीधा झटका छोटे दुकानदारों व मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को लगा है। संगठन ने इस तानाशाही फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

बिना सूचना लोड बढ़ाने और सिक्योरिटी मनी वसूलने का विरोध

व्यापार मंडल ने प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं का बिजली लोड बिना किसी पूर्व सूचना के एकतरफा तरीके से बढ़ाए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई।

  1. एकतरफा कार्रवाई: नेताओं का कहना है कि अगर किसी को अतिरिक्त लोड चाहिए, तो वह स्वयं आवेदन करता है। विभाग द्वारा खुद से लोड बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है।
  2. सिक्योरिटी मनी का दबाव: विभाग बढ़े हुए लोड के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी जमा कराने का दबाव बना रहा है, जिससे जनता पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भार आ पड़ा है। इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की गई है।

फ्यूल सरचार्ज और अघोषित कटौती से त्रस्त उद्योग

व्यापारियों ने हर महीने बिजली बिलों में जुड़कर आ रहे फ्यूल सरचार्ज को भी तुरंत समाप्त करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क से आम जनता का घरेलू बजट बिगड़ गया है और व्यापारियों की लागत लगातार बढ़ रही है।

इसके साथ ही, प्रदेशभर में हो रही भारी अघोषित बिजली कटौती पर भी चिंता जताई गई। अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उद्योगों में उत्पादन ठप हो रहा है और छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि प्रदेश में निर्बाध और 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपील

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में व्यापार और उद्योग रीढ़ की हड्डी हैं। यदि समय रहते बिजली विभाग की इन मनमानी नीतियों में सुधार नहीं किया गया, तो छोटे व्यापारी और आम उपभोक्ता गंभीर आर्थिक संकट में आ जाएंगे, जिसका सीधा असर प्रदेश के आर्थिक विकास पर पड़ेगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनहित में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत देने की अपील की है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान रहे मौजूद: इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कौशल, जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, वरिष्ठ नगर उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, संयुक्त महामंत्री प्रतीक राज कौशल, नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल और मीडिया प्रभारी अभिषेक गुप्ता सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी व गणमान्य व्यापारी उपस्थित रहे।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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