कायमगंज/फर्रुखाबाद।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गांव अल्लाहदादपुर निवासी 40 वर्षीय किसान शरद यादव उर्फ बबलू, पुत्र नंदराम सिंह, की धान के खेत में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी, दो बेटों और एक बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार शरद यादव शाम करीब सात बजे खेतों की रखवाली और कृषि कार्य के लिए घर से निकले थे। रात करीब दस बजे तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता होने लगी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद परिवार के लोग टॉर्च लेकर खेतों की ओर तलाश करने पहुंचे।
काफी खोजबीन के बाद शरद धान के लबालब भरे खेत में अचेत अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तुरंत निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कायमगंज लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की सूचना पर कायमगंज कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की असमय मौत की खबर मिलते ही पत्नी सीमा देवी, बेटों विकास और विनय, बेटी नैना सहित पूरे परिवार में कोहराम मच गया। हर किसी की आंखें नम थीं। गांव में भी शोक का माहौल है। शरद अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।

घटना की जानकारी मिलते ही मृतक का छोटा भाई सुनील यादव, जो कानपुर नगर के मूलगंज थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं, सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला खेत में भरे पानी में डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह हादसा किसानों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। बरसात के मौसम में खेतों में भरे गहरे पानी और फिसलन के कारण छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं, इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और तीन मासूम बच्चों के जीवन में ऐसा खालीपन छोड़ दिया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।
