फर्रुखाबाद न्यूज़:- गंगा का बढ़ता जलस्तर: पांचाल घाट की सात सीढ़ियां जलमग्न, पंडों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया सामान |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
4 Min Read

फर्रुखाबाद।

जनपद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में चिंता का माहौल बनने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश और ऊपरी बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर बढ़कर 136 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है।

बढ़ते जलस्तर के चलते फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक पांचाल घाट की सात सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गई हैं, जिससे घाट पर सक्रियता बढ़ गई है।

48 घंटों में तेजी से बढ़ा पानी

जानकारी के अनुसार, पांचाल घाट पर गंगा का मीटर गेज पहले 135.35 सेंटीमीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार शाम बढ़कर 136 सेंटीमीटर हो गया। पिछले 48 घंटों में जलस्तर में यह तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा की तेज धारा अब किनारों से टकराते हुए आगे बढ़ रही है, जिससे नदी किनारे स्थित खेतों में कटान का खतरा भी गहराने लगा है। ग्रामीण और किसान नदी की इस बढ़ती रफ्तार को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं।

विभिन्न बैराजों से छोड़े गए पानी का विवरण

सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा के जलस्तर में इस अचानक वृद्धि का प्रमुख कारण नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार बैराजों से छोड़ा गया भारी मात्रा में पानी है:

बैराज का नामछोड़ा गया पानी (क्यूसेक में)
नरौरा बैराज 67,201 क्यूसेक
बिजनौर बैराज 59,688 क्यूसेक
हरिद्वार बैराज 53,403 क्यूसेक

इन सभी बैराजों से छोड़े गए पानी का संयुक्त असर अब सीधे तौर पर फर्रुखाबाद में दिखाई देने लगा है।

घाटों पर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन

पांचाल घाट पर स्नान स्थल जलमग्न होने के बाद गंगा सेवकों ने अपनी झोपड़ियां, तख्त और अन्य जरूरी सामान ऊंचे स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। घाट पर मौजूद पंडों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में घाट का एक बड़ा हिस्सा पानी में समा सकता है।

  1. पंडा गोपाल ने बताया कि पिछले चार दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब तक घाट की सात सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं।
  2. पंडा शोभित के अनुसार, पिछले तीन दिनों से पानी लगातार बढ़ रहा था, लेकिन बीते दो दिनों में तेजी काफी अधिक रही। नीचे रखे तख्तों तक पानी पहुंचने के कारण उन्होंने समय रहते अपना पूरा सामान सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है।

रामगंगा नदी की स्थिति और प्रशासनिक अलर्ट

गंगा के साथ-साथ रामगंगा नदी में भी शनिवार शाम 10,375 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। लेकिन यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में वहां भी जलस्तर बढ़ने की पूरी संभावना है।

वर्तमान में स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और लगातार गंगा व रामगंगा के जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *