फर्रुखाबाद/
जिले में विकास कार्यों और सुशासन के दावों के बीच सेंट्रल जेल चौराहा स्थित नेशनल हाईवे (एनएच-730) पर कई महीनों से बने जलभराव ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर लगातार भरे पानी के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के व्यापारियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क पर जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं छोटे वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वालों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिया गया है, उसकी चौड़ाई और वर्तमान स्थिति लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर मूलभूत सुविधाएं और जल निकासी की व्यवस्था तक नहीं है, तो भविष्य में इस मार्ग पर टोल वसूली किस आधार पर की जाएगी।
नागरिकों का यह भी कहना है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्माण या रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। लोगों ने मांग की है कि जब तक सड़क पर जलभराव और अन्य तकनीकी कमियां दूर नहीं हो जातीं तथा गुणवत्ता की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित कार्यों के भुगतान पर भी पुनर्विचार किया जाए।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
