फर्रुखाबाद |
सुबह से रात तक आसमान से आग बरस रही है मौसम का तेवर नरम नहीं हो रहा है। सुबह नहाकर पोंछते ही लोग पसीने तरबतर हो जा रहे हैं।भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन की बैचेनी बढ़ गई है।तालाबों पोखरों में पानी के अभाव में फटी दरारे लगातार बढ़ती जा रही है।प्यासे वनजीवियो की तड़प बढ़ती चली जा रही है न बारिश नजर आ रही है और न ही आधी का पता चल रहा है। तापमान का पारा लगातार बढ़ता चला जा रहा है।ज़मीन पर नंगे पांव रखना आग पर पैर रखने के बराबर हो गया है।हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात है ऐसी गर्मी नहीं देखी।बदले मौसम में गर्मी इतनी ज्यादा है कि ग्रामीण इलाकों से राहत गायब है।शहर की सघन बस्तियों के घरों में लोग उबल कर रह जा रहे हैं।
जहां पानी की सुविधा है वहां लोग दिन में चार चार पांच पांच बार नहाकर किसी तरह गर्म मौसम का मुकाबला कर रहे हैं।घर घर में लोग पेट व त्वचा सम्बन्धी बीमारियों से परेशान होने लगे हैं।सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत नहीं महसूस हो रही है। मौसम विभाग की मानें जल्द ही दो तीन दिनो मे मानसून दस्तक देगा।
