फर्रुखाबाद।
जनपद में शनिवार सुबह मौसम के अचानक बदले मिजाज ने एक परिवार पर भारी संकट खड़ा कर दिया। तेज हवा और बारिश के बीच कमालगंज कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर में एक मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे के समय आंगन में बर्तन धो रही महिला मलबे के नीचे दब गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद महिला को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला आजाद नगर निवासी कुसमा (37) पत्नी स्वर्गीय रामनिवास शनिवार सुबह करीब छह बजे अपने घर के आंगन में घरेलू कार्य कर रही थीं। इसी दौरान अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश और हवा के दबाव के चलते मकान की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। महिला संभल पाती इससे पहले ही दीवार का भारी मलबा उसके ऊपर आ गिरा।
दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और काफी प्रयास के बाद मलबे में दबी महिला को बाहर निकाला। हादसे में महिला को गंभीर चोटें आईं और वह दर्द से कराहती रही।
परिजन घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार महिला के शरीर में कई स्थानों पर गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
परिजनों ने बताया कि कुसमा के पति की कई वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। पति के निधन के बाद वह अपने बच्चों के साथ मायके में रहकर मेहनत-मजदूरी के जरिए परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। महिला के घायल होने के बाद बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई पुराने और जर्जर मकान मौजूद हैं, जो बारिश और तेज हवाओं के दौरान हादसों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे भवनों का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
शनिवार सुबह हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बरसात के मौसम में जर्जर भवन किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं। फिलहाल घायल महिला का इलाज जारी है और परिवार उसके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
