कायमगंज पुलिस और एएनटीएफ का बड़ा एक्शन: ओडिशा से यूपी लाई जा रही 21 लाख की गांजा खेप बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)।

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) मेरठ और कायमगंज कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई में करीब 21 लाख रुपये कीमत का 42.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य खरीदार की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

मुखबिर की सूचना पर बेरिया तिराहे पर घेराबंदी

पुलिस के अनुसार, एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में गांजा लेकर दो तस्कर कायमगंज क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाई और कायमगंज बाईपास स्थित बेरिया तिराहे के पास जाल बिछाकर घेराबंदी कर दी। इसी दौरान बस से उतरे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर जब उनके सूटकेस और दो बैगों की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। बैगों के अंदर से कुल 42.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील हुआ माल

बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये आंकी गई है। बड़ी बरामदगी को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद नायब तहसीलदार अनवर हुसैन मौके पर पहुंचे और उनकी देखरेख व मौजूदगी में बरामद गांजे का वजन कराकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए माल को सील किया गया।

ओडिशा से रायपुर, कानपुर होते हुए पहुंचे थे कायमगंज

पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे इस खेप को ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र से लेकर आ रहे थे। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने लंबा रूट चुना, जिसमें वे ट्रेन के जरिए पहले रायपुर (छत्तीसगढ़) पहुंचे और फिर वहां से कानपुर तथा फर्रुखाबाद होते हुए बस से कायमगंज आए थे। पुलिस इसे एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा मानकर जांच कर रही है।

बिहार और ओडिशा के रहने वाले हैं तस्कर, एटा के खरीदार को देनी थी सप्लाई

पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. सतेंद्र चौधरी उर्फ मुन्ना (निवासी: सिवान, बिहार)
  2. मिन्ना (निवासी: कोरापुट, ओडिशा)

आरोपियों ने कुबूल किया कि बरामद गांजे की यह खेप एटा जनपद के थाना जैथरा क्षेत्र के गांव गोहटिया निवासी कैसर खां को सौंपी जानी थी। पुलिस ने मुख्य खरीदार कैसर खां की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।

इस टीम को मिली सफलता

इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में ये अधिकारी शामिल रहे:

  1. एएनटीएफ मेरठ की टीम: उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल पंकज, रोहित एवं कपिल रावत।
  2. कायमगंज कोतवाली टीम: उप निरीक्षक अरविंद कुमार यादव, जावेंद्र सिंह तथा प्रवीण यादव।

थाना पुलिस का बयान:

“एएनटीएफ की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य तस्करों और मुख्य स्रोतों का पता लगा रही है। जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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