रिपोर्ट आलोक गंगवार |
कायमगंज।
भारतीय कृषक एसोसिएशन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय महासचिव रामवीर जाटव ने कायमगंज के उपजिलाधिकारी (SDM) पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी (DM) को एक रजिस्टर्ड डाक के जरिए शिकायती पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रामवीर जाटव ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि एसडीएम कार्यालय में फरियाद लेकर जाने वाले किसानों और किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ अमर्यादित व दुर्व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि एसडीएम के व्यवहार में आज भी ‘अंग्रेजों जैसी मानसिकता’ झलकती है।
सुविधा शुल्क और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप
राष्ट्रीय महासचिव ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एसडीएम कार्यालय में बड़ी संख्या में वाद (मामले) लंबित पड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां केवल उन्हीं वादों का निस्तारण तेजी से किया जाता है, जिनमें सुविधा शुल्क मिल जाता है। आम किसानों को न्याय के लिए केवल चक्कर काटने पड़ते हैं।
इसके साथ ही, पत्र में एक बेहद गंभीर घटना का जिक्र करते हुए कहा गया है कि बीते 2 जून को भारतीय किसान यूनियन (अखंड), करणी सेना, शिव शक्ति अखाड़ा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद उनके चालान किए गए थे। आरोप है कि इसके बाद जब संगठन के पदाधिकारी तारीख पर आए, तो उन्हें एक बंद कमरे में ले जाकर बेरहमी से मारा-पीटा गया। रामवीर जाटव ने इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
जांच न होने पर होगा बड़ा आंदोलन
भारतीय कृषक एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं मिला, तो हमारा एसोसिएशन चुप नहीं बैठेगा और किसानों के हक के लिए उग्र धरना-प्रदर्शन व आंदोलन करने को मजबूर होगा।— रामवीर जाटव, राष्ट्रीय महासचिव (भारतीय कृषक एसोसिएशन)
इस शिकायत के बाद से क्षेत्र के किसान संगठनों और प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
