रिपोर्ट सुधीर सिंह
कायमगंज (फर्रुखाबाद)।
कंपिल क्षेत्र के सुल्तानपुर पालनपुर स्थित गौशाला में गायों की कथित मौत और उनके साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर मंगलवार को किसानों, गौरक्षकों और विभिन्न हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने कायमगंज तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और गौरक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन अखंड, बजरंग दल और श्री राष्ट्र राजपूत करणी सेना समेत कई संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
साक्ष्य मिटाने और गौरक्षकों पर फर्जी मुकदमे का आरोप
धरना दे रहे संगठनों का आरोप है कि सुल्तानपुर पालनपुर गौशाला में लंबे समय से गायों के साथ लापरवाही और अत्याचार हो रहा था। जब सामाजिक कार्यकर्ताओं और गौरक्षकों ने मौके पर पहुंचकर इसके वीडियो बनाए और उन्हें उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया, तो हड़कंप मच गया। प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप है कि शिकायत के बाद जब अधिकारी जांच के लिए पहुंचे, तो वहां से मृत गायों को हटाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। यही नहीं, दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय आवाज उठाने वाले गौरक्षकों के खिलाफ ही थाना कंपिल में फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
अधिकारियों को हटाने और संपत्तियों की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
- कायमगंज के उपजिलाधिकारी (SDM) और गौशाला के नोडल अधिकारी/संयुक्त खंड विकास अधिकारी मनीराम शाक्य को तत्काल पद से हटाकर विभागीय कार्रवाई की जाए।
- मुकदमा दर्ज कराने वाले थाना अध्यक्ष कंपिल के खिलाफ भी एक्शन लिया जाए।
- एसडीएम और नोडल अधिकारी की चल-अचल संपत्तियों की जांच कराई जाए।
- थाना कंपिल में दर्ज मुकदमा संख्या 0096/2026 को तुरंत समाप्त किया जाए। यदि पुलिस के पास कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
- पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए।
एसडीएम का बयान: मुकदमा खत्म करना मेरे अधिकार में नहीं
इस पूरे मामले पर कायमगंज के उपजिलाधिकारी (SDM) अतुल कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक ज्ञापन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मुकदमे को समाप्त करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि धरना-प्रदर्शन के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाना सही तरीका नहीं है।
भारी पुलिस बल तैनात, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी की निगरानी में कई थानों की पुलिस फोर्स तहसील परिसर में तैनात रही। दोपहर बाद जब माहौल अधिक गरमा गया, तो पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और एक स्कूल बस के जरिए कोतवाली भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई।
आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाने की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन अखंड के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी, राष्ट्रीय महासचिव राजेश कुमार और बजरंग दल के मनमोहन सिंह राणा समेत अन्य नेताओं ने पुलिस-प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गायों की रक्षा करने वालों को अपराधी बनाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो इस आंदोलन को जिला स्तर से बढ़ाकर प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। क्षेत्र में एहतियात के तौर पर देर शाम तक भारी पुलिस बल तैनात रहा।
