फर्रुखाबाद/
जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बनाए जा रहे 50 बेड के अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की हकीकत उस वक्त सामने आ गई, जब जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अचानक निरीक्षण किया। करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भारी लापरवाही और गंभीर खामियां पाई गईं, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि ट्रॉमा सेंटर में अभी तक बिजली कनेक्शन ही नहीं लगाया गया है। इतना ही नहीं, विद्युत सुरक्षा का अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और अग्निशमन विभाग से भी एनओसी नहीं ली गई है। सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी इन व्यवस्थाओं की अनदेखी को डीएम ने गंभीर लापरवाही मानते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई।
लिफ्ट भी बिना अनुमति के तैयार!
जब डीएम ने लिफ्ट संचालन को लेकर जानकारी ली तो पता चला कि इसके लिए जरूरी अनुमति तक के लिए आवेदन नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तुरंत सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
15 दिन का अल्टीमेटम, वरना कार्रवाई तय
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि इस जनहित से जुड़ी परियोजना में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधूरे कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का सख्त अल्टीमेटम दिया और तय समय में काम पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
एजेंसी पर पेनाल्टी के आदेश
काम में लापरवाही पर डीएम ने कार्यदायी संस्था पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी और गुणवत्ता में कमी पर सख्त कार्रवाई होगी।
सुरक्षा और सुविधाओं पर फोकस
निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्देश दिए कि—
सभी खिड़कियों पर मजबूत सुरक्षा जाली लगाई जाए
बिजली, पानी, सीवरेज, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था तुरंत पूरी की जाए
ऑक्सीजन लाइन, वार्ड फिनिशिंग और शौचालय पूरी तरह उपयोगी बनाए जाएं
उपकरण और स्टाफ की तैयारी भी जरूरी
डीएम ने यह भी कहा कि ट्रॉमा सेंटर में लगाए जाने वाले सभी चिकित्सा उपकरण पूरी तरह कार्यशील हों और संचालन से पहले पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
जल्द शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर
जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि ट्रॉमा सेंटर के शुरू होने से फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों के लोगों को आपातकालीन इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी और गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे।
