कायमगंज/फर्रुखाबाद
तहसील क्षेत्र के हजरतपुर गांव में मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब दो बीघा विवादित भूमि पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई। इस कदम पर दूसरे पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जमीन को सरकारी घोषित बताया, जिसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।
बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। चूंकि प्रतिमा की स्थापना के लिए कोई पूर्व प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए पुलिस ने सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से प्रतिमा को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और मांग
प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में एक पक्ष के लोग कोतवाली पहुंचे और प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनः स्थापित करने की मांग की। बाद में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील मुख्यालय भी पहुंचा, जहां उन्होंने नायब तहसीलदार को अपनी मांगों के संबंध में एक प्रार्थना पत्र सौंपा।
अधिकारियों ने की शांति की अपील मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक एमएम चतुर्वेदी, शमसाबाद पुलिस और एसओ कंपिल नितिन चौधरी पुलिस बल के साथ गांव में डटे हुए हैं। नायब तहसीलदार हर्षित सिंह और अनवर हुसैन ने दोनों पक्षों के साथ बैठक की और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
दावे और विवाद का मुख्य कारण जमीन को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क हैं:
प्रथम पक्ष:इनका दावा है कि यह जमीन ‘अंबेडकर पार्क’ के लिए आवंटित है।
द्वितीय पक्ष:इनका कहना है कि यह जमीन सरकारी है और ‘खाद के गड्ढों’ के लिए सुरक्षित है।
प्रशासन का निर्णय
प्रशासन ने वर्तमान में विवादित भूमि पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ग्राम प्रधान को मनरेगा के तहत भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है। नायब तहसीलदार हर्षित सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच की जा रही है और न्यायालय के आदेश के बाद ही आगे की कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।
