फर्रुखाबाद/फतेहगढ़
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) द्वारा घोषित किए गए हाईस्कूल (10वीं) के परीक्षा परिणामों में फतेहगढ़ के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। फतेहगढ़ स्थित ‘रोजी पब्लिक स्कूल’ के होनहार छात्र शौर्य बाजपेई ने 98.4 प्रतिशत अंकों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं, इसी विद्यालय की मेधावी छात्रा सृष्टि दीक्षित ने भी 95.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है।
आईएएस बनकर देश से भ्रष्टाचार मिटाना चाहते हैं शौर्य
अपनी शानदार कामयाबी से उत्साहित शौर्य बाजपेई ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार अपना रिजल्ट देखा, तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हुआ। विद्यालय प्रबंधन से आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही उन्हें अपनी इस बड़ी सफलता पर यकीन हुआ। अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में बात करते हुए शौर्य ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में एक आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर देश की सच्ची सेवा करना चाहते हैं और समाज से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना उनका मुख्य उद्देश्य है।
शौर्य एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता विपनेश कुमार बाजपेई एक टेक्सटाइल इंजीनियर हैं, जबकि माता शशि बाजपेई एक कुशल गृहिणी हैं। पोते की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके दादा रामबाबू और दादी आशा बाजपेई ने उन्हें फूल-माला पहनाकर और तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया। इस सफलता में एक खास बात यह भी रही कि शौर्य के जुड़वा भाई धैर्य बाजपेई ने भी इसी परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है। अपने माता-पिता को ही अपना आदर्श मानने वाले शौर्य ने बताया कि उनकी बहन वर्तमान में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही हैं।
सहपाठियों को पढ़ाते-पढ़ाते प्रोफेसर बनने का लिया संकल्प: सृष्टि विद्यालय में 95.8 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता की नई इबारत लिखने वाली छात्रा सृष्टि दीक्षित भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाना चाहती हैं। उनका लक्ष्य एक सफल प्रोफेसर बनना है। अपनी इस उपलब्धि का राज साझा करते हुए सृष्टि ने बताया कि वह नियमित रूप से 4 से 5 घंटे पूरे ध्यान के साथ पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि वह कक्षा में अक्सर अपने सहपाठियों की पढ़ाई में मदद किया करती थीं, और उन्हें पढ़ाते-पढ़ाते ही उनके मन में भी प्रोफेसर बनने की प्रबल चाहत पैदा हुई।
सृष्टि के पिता बेसिक शिक्षा विभाग में एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी मां सीमा दीक्षित एक गृहिणी हैं। बेटी की इस बेहतरीन सफलता की खबर मिलते ही पूरे परिवार में जश्न का माहौल बन गया। परिणाम की घोषणा के बाद से ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ सगे-संबंधियों और पड़ोसियों ने भी मिठाई खिलाकर इस होनहार बिटिया को उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
