कायमगंज /फर्रुखाबाद/
क्षेत्र में ट्रक चालकों की हड़ताल के चलते रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। गैस सिलेंडरों की किल्लत और वितरण में देरी के कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आलम यह रहा कि लोग अपना काम-काज छोड़कर सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे, लेकिन कई लोगों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा।
एचपी की गाड़ी नहीं आई, बैरंग लौटे उपभोक्ता एचपी गैस के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा निराशा हाथ लगी। सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर के इंतजार में सुबह से ही लाइन में लग गए थे। घंटों इंतजार के बाद भी जब गैस की गाड़ी नहीं आई, तो लोगों का गुस्सा और निराशा बढ़ गई और उन्हें बिना सिलेंडर के ही वापस जाना पड़ा।
इंडेन के उपभोक्ताओं को दोपहर बाद मिली राहत इंडेन गैस के उपभोक्ताओं की स्थिति भी सुबह के समय कमोबेश ऐसी ही रही। यहां भी सुबह से ही भारी भीड़ जमा हो गई थी। हालांकि, घंटों की जद्दोजहद और लंबे इंतजार के बाद दोपहर करीब दो बजे गैस की गाड़ी एजेंसी पर पहुंची। इसके बाद सिलेंडर का वितरण शुरू हो सका, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
क्या कहते हैं एजेंसी संचालक?
आपूर्ति में आ रही इस बाधा को लेकर एजेंसियों के संचालकों ने अपना पक्ष रखा है:
ध्वनि गैस एजेंसी (इंडेन) के स्वामी राजेश मिश्रा ने बताया कि मोहम्मदाबाद प्लांट पर ट्रक चालकों की हड़ताल चल रही है। इसी वजह से वहां से सप्लाई भेजने में देरी हुई है, जिसका सीधा असर शहर की वितरण व्यवस्था पर पड़ा है।वहीं,एचपी गैस एजेंसी के स्वामी हर्षित गंगवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें पीछे से कोई सप्लाई प्राप्त ही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जो सप्लाई आई थी, उसका वितरण उसी दिन कर दिया गया था। गाड़ी न आने की पूर्व सूचना न होने के कारण उपभोक्ताओं को व्यर्थ में परेशान होना पड़ा।
उपभोक्ताओं का छलका दर्द: “काम छोड़कर खड़े रहते हैं, फिर भी चूल्हा नहीं जल रहा”
सुबह से लाइन में लगे परेशान उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपना जरूरी काम-काज और दिहाड़ी छोड़कर गैस के लिए घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन अंत में गाड़ी न आने की सूचना दे दी जाती है। लोगों का कहना है कि इससे न केवल उनके समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि घरों में चूल्हा न जलने का गंभीर संकट भी खड़ा हो गया है।
परेशान उपभोक्ताओं ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारा जाए, ताकि आम जनता को इस दैनिक परेशानी से मुक्ति मिल सके।
