फर्रुखाबाद |
न्यायालय के आदेशों कीअवहेलना करना शहर कोतवाली प्रभारी को भारी पड़ गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सात अलग-अलग प्रकरणों में दोषी मानते हुए उन्हें सात दिन के कारावास की सजा हुई है।
फर्रुखाबाद शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दर्शन सिंह सोलंकी को न्यायालय द्वारा सात मामलों में आरोपितों के खिलाफ जारी वारंट तामील कराने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उन्होंने न तो आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की और न ही न्यायालय में कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की। ये सभी प्रकरण उच्च न्यायालय के निर्देश पर शीघ्र निस्तारण की श्रेणी में शामिल थे। आरोपितों की लगातार गैरहाजिरी के चलते मामलों के निस्तारण में देरी हो रही थी। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार ने कोतवाली प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। नोटिस में राज्य बनाम प्रदीप कुमार, उमेश साध बनाम महरुद्दीन अंसारी, राज्य बनाम विजय शुक्ला, राज्य बनाम फतेह सिंह, राज्य बनाम आराम सिंह, राज्य बनाम इरफान और राज्य बनाम अशरफ जैसे मामलों का उल्लेख किया गया था।
नोटिस के बावजूद कोतवाली प्रभारी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद सभी मामलों में उनके खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज कर लिया गया और सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तारीख तय की गई। निर्धारित तिथि पर भी उनके अनुपस्थित रहने पर न्यायालय ने सभी मामलों मेंउन्होंने दोषी ठहराते हुए सात दिन की सजा सुनाई।
साथ ही, न्यायालय में पेश न होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि कोतवाली प्रभारी को गिरफ्तार कर छह अप्रैल तक न्यायालय में पेश किया जाए।
