नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई। विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेताओं को सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध वकील अभिषेक मनु सिंघवी तथा तृणमूल कांग्रेस के नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री बाबुल सुप्रियो प्रमुख हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, तेलंगाना से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और वी. नरेंद्र रेड्डी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के चार और भारतीय जनता पार्टी के एक उम्मीदवार को बिना किसी मुकाबले के चुन लिया गया।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से बाबुल सुप्रियो, वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी, राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख राजीव कुमार और अभिनेत्री कोयल मलिक राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा भी बिना मुकाबले के चुने गए।
तमिलनाडु से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के तिरुचि शिवा और जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, अन्ना द्रमुक के एम. थंबी दुरई, पीएमके के अंबुमणि रामदास, कांग्रेस के क्रिस्टोफर मणिकम तथा देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम के एल.के. सुधीश भी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए।
अन्य राज्यों से भी निर्विरोध जीत
छत्तीसगढ़ से भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम को भी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा भी बिना किसी मुकाबले के चुने गए।
गौरतलब है कि 5 मार्च को दस राज्यों से राज्यसभा की 37 सीटों के लिए निर्दलीयों समेत कुल 39 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे। पश्चिम बंगाल में इस वर्ष राज्यसभा की पांच सीटें खाली हुई थीं, जिनमें चार तृणमूल कांग्रेस और एक भाजपा के पास थी। सभी उम्मीदवारों ने 5 मार्च को विधानसभा में अपने नामांकन पत्र जमा किए थे।
इन सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होने थे, लेकिन उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।
