फर्रुखाबाद/
पांचाल घाट पर लगने वाले ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के श्रीरामनगरिया मेले की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। गंगा तट पर सजने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन को भव्य, आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस बार मेला श्रद्धालुओं के लिए केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक विरासत और खानपान की विविधता का अनूठा संगम भी बनेगा। मेले में ‘यूपी दर्शन’ की विशेष प्रदर्शनी और आकर्षक फूड कोर्ट मुख्य आकर्षण के रूप में नजर आएंगे।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पांचाल घाट स्थित मेला स्थल पहुंचकर तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बार श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित है। प्रशासन का प्रयास है कि मेले में आने वाले कल्पवासियों, साधु-संतों और दूर-दराज से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गंगा स्नान के लिए बनेंगे सुरक्षित अस्थायी घाट
मेले में गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अस्थायी स्नान घाटों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि घाटों का निर्माण इस प्रकार कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम स्नान की सुविधा मिल सके। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के सभी जरूरी मानकों का पालन कराया जाए। घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आवागमन के लिए उचित इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं।
कल्पवासियों की सुविधाओं में नहीं होनी चाहिए लापरवाही
श्रीरामनगरिया मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कल्पवासी पूरे कल्पवास के दौरान गंगा तट पर प्रवास करते हैं। ऐसे में उनके लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं। स्वच्छता, प्रकाश, रास्तों और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था पैदा न हो।
‘यूपी दर्शन’ प्रदर्शनी में दिखेगी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत
इस बार श्रीरामनगरिया मेले की रौनक बढ़ाने के लिए संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से ‘उत्तर प्रदेश दर्शन’ थीम पर विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन केंद्रों की झलक देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी के माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन की विशेषताओं से रूबरू कराया जाएगा। इससे मेले में आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ प्रदेश की विरासत को जानने का अवसर भी मिलेगा।
स्वाद के शौकीनों के लिए बनेगा खास फूड कोर्ट
मेले में इस बार खानपान के शौकीनों के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। आगंतुकों की सुविधा और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए एक विशेष फूड कोर्ट विकसित किया जाएगा। यहां विभिन्न प्रकार के व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे मेले में आने वाले परिवारों और पर्यटकों को खानपान के लिए बेहतर विकल्प मिल सकेंगे। धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक प्रदर्शनी और फूड कोर्ट मेले को एक नया स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
साधु-संतों के सुझावों से तय होगी मेले की रूपरेखा
प्रशासन मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में स्थानीय साधु-संतों के सुझावों और परंपराओं को भी विशेष महत्व दे रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन की गरिमा और प्राचीन परंपराएं बरकरार रहें तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिलें। इसी उद्देश्य से मेले की रूपरेखा तैयार करते समय साधु-संतों के विचारों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, खंड विकास अधिकारी बढ़पुर योगेश पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
