शमसाबाद/फर्रुखाबाद |
नगर पंचायत शमसाबाद के मोहल्ला लाडमपुर दोयम में संचालित एक आतिशबाजी बनाने की दुकान/कोठरी में अचानक दोपहर करीब डेढ़ बजे भीषण धमाका हो गया, विस्फोट इतना तीव्र था कि पूरी कोठरी पल भर में जमींदोज हो गई और कोठरी का मलबा काफी दूर तक फैल गया, कोठरी का गेट लगभग 70 मीटर दूर जा कर गिरा, कोठरी में हुए धमाके की गूंज एक किलोमीटर से भी अधिक दूर तक सुनाई दी,धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय लाइसेंस धारक आतिशबाज सफरुद्दीन (निवासी मोहल्ला मीरा दरवाजा) मौके पर मौजूद नहीं था, सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी कायमगंज,उपजिलाधिकारी (SDM) कायमगंज और फायर सिक्योरिटी फोर्स की टीम ब फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, कोठरी के मलबे को हटाने के लिए जेसीबी को मौके पर बुलाना पड़ा जेसीबी द्वारा कोठरी की छत ब अन्य मलबा हटाया गया,मलबे के नीचे 7 फायर सेफ्टी सिलेंडर निकले,जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस कोठरी में भारी तादाद में आतिशबाजी का निर्माण किया जा रहा था, लगभग 4 बजकर 55 मिनट पर अपर पुलिस अधीक्षक ने मौके का निरीक्षण किया तथा आतिशबाज से पूंछतांछ की,तथा फील्ड यूनिट/फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य और नमूने एकत्र किए,
बताया जा रहा है कि इस स्थान पर पिछले लगभग 35 वर्षों से आतिशबाजी बनाने का काम चल रहा था,हालांकि, इतनी बड़ी घटना के बाद भी मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस का कोई भी उच्चाधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है,जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा चुप्पी अख्तियार कर लेना पूरे मामले को दबाने की ओर इशारा कर रहा है,
गौरतलब है कि फर्रुखाबाद जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है गत वर्ष और उससे पूर्व भी अवैध व असुरक्षित तरीके से आतिशबाजी निर्माण के दौरान कई बड़े हादसे हो चुके हैं,इसके बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और ढुलमुल रवैये के कारण रिहायशी इलाकों के आसपास इस तरह के बारूदी ढेर लगातार लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं |

