फर्रुखाबाद/
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से शुक्रवार को पांचाल घाट गूंज उठा। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों और दूसरे जिलों से भी श्रद्धालुओं का हुजूम पांचाल घाट पहुंचा। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर विसर्जन तक के इंतजामों को चाक-चौबंद कर दिया। खास बात यह रही कि इस बार गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित करने के बजाय ‘भू-विसर्जन’ की व्यवस्था की गई।
डीएम-एसपी ने दोपहर में पहुंचकर परखी व्यवस्था
विसर्जन व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह दोपहर करीब एक बजे पांचाल घाट पहुंचीं। दोनों अधिकारियों ने घाट पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रतिमा विसर्जन के इंतजामों को देखा। मौके पर तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन के मुताबिक शुक्रवार को बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। शाम तक पांचाल घाट पर करीब तीन से चार हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई।
गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अपनाया भू-विसर्जन
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से गंगा में प्रदूषण न फैले, इसके लिए प्रशासन ने इस बार नदी में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाई है। घाट पर ही भू-विसर्जन की व्यवस्था की गई है। इसके लिए दो जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं, जो लगातार गड्ढे तैयार कर रही हैं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद अपनी गणेश प्रतिमाओं को इन्हीं निर्धारित स्थानों पर भू-विसर्जित कर रहे हैं।
प्रशासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ गंगा नदी को प्रदूषण से बचाना है।
घाट पर मजिस्ट्रेट से लेकर पुलिस तक तैनात
भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। सदर एसडीएम, सीओ सिटी और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था संभाल रहे हैं। कादरी गेट थाना पुलिस को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए घाट पर गोताखोरों की तैनाती भी की गई है। पुलिसकर्मी लगातार भीड़ पर नजर रख रहे हैं और श्रद्धालुओं को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रतिमाओं का भू-विसर्जन कराने में जुटे हैं।
जयकारों के बीच आस्था, सुरक्षा के बीच विसर्जन
पांचाल घाट पर एक ओर गणपति बप्पा के जयकारों और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है, तो दूसरी ओर प्रशासन की कड़ी निगरानी के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी मुस्तैद है। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ अधिकारियों ने घाट पर लगातार निगरानी बनाए रखी है, ताकि विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।

