फर्रुखाबाद न्यूज़:- दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ का आंदोलन का बिगुल; विधायक को सौंपा ज्ञापन, दी चेतावनी |

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Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
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फर्रुखाबाद/

दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अब आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। संघ के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन स्थानीय विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि न्यायालयों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने में कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनमें नाराजगी है। संघ ने सरकार से वेतन, पदों के सृजन, सेवा नियमितीकरण और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

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इन मांगों को लेकर उठाई आवाज

संघ की प्रमुख मांगों में एफटीसी न्यायालयों के कर्मचारियों के वेतन में प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि करने के साथ सेवा नियमित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा 4600 रुपये ग्रेड वेतन वाले क्लर्क पदों को राजपत्रित दर्जा देने की मांग की गई है।

कर्मचारियों ने क्लर्क वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करते हुए 2800 रुपये ग्रेड पे यानी लेवल-5 लागू करने की मांग भी उठाई। संघ का कहना है कि न्यायालयों में काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, इसलिए आवश्यकता के अनुसार नए पदों का सृजन किया जाना चाहिए। जब तक नए पदों का सृजन नहीं होता, तब तक कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य के लिए भत्ता दिए जाने की मांग की गई है।

इसके साथ ही समाप्त किए जा चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद को दोबारा बहाल करने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से रखी गई।

कार्यवाहक अध्यक्ष बोले—कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जरूरी

दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, फर्रुखाबाद के कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि यादव ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी और सुचारू रूप से संचालित करने में न्यायालय कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों पर लगातार बढ़ रहे कार्यभार और लंबित समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

2 अक्टूबर को तिरंगा रैली, 25 अक्टूबर को लखनऊ में सत्याग्रह

संघ ने आंदोलन की आगे की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। कर्मचारियों के अनुसार यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर जिले में शांतिपूर्ण तिरंगा रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 25 अक्टूबर को प्रांतीय संघ के आह्वान पर लखनऊ में प्रदेशभर के न्यायालय कर्मचारी सत्याग्रह में शामिल होंगे।

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब कर्मचारियों की निगाह सरकार की ओर है।

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Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
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