मेरापुर/फर्रुखाबाद/
थाना क्षेत्र के नौली गांव में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे। मकान गिरने से दंपती, उनके दो मासूम बच्चों और साले समेत पांच लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। सभी को उपचार के लिए फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया।
नौली गांव निवासी यशपाल यादव खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गांव में उनका दो कमरों का कच्चा मकान है। शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे पूरा परिवार मकान में सो रहा था। इसी दौरान अचानक एक कमरे की छत और दीवार भरभराकर नीचे आ गिरी। मकान के एक हिस्से के गिरने से दूसरे कमरे की दीवार भी इसकी चपेट में आकर ढह गई। देखते ही देखते परिवार के लोग मलबे के नीचे दब गए।
मकान गिरने की आवाज से गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और पड़ोसी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में यशपाल यादव, उनकी पत्नी मीना, तीन वर्षीय बेटा अक्षय, दो वर्षीय बेटी अंजलि तथा यशपाल का साला रविंद्र घायल हो गए।
बताया गया कि हादसे के बाद सभी घायलों को पहले नजदीक के एक निजी क्लीनिक पर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए उन्हें लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर किया गया। अस्पताल की इमरजेंसी में घायलों का उपचार शुरू किया गया।
गृहस्वामी यशपाल यादव को सिर में गंभीर चोट आई है। उनके सिर में चार टांके लगाए गए हैं। चोट की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं उनकी पत्नी मीना, बेटे अक्षय, बेटी अंजलि और साले रविंद्र का भी उपचार किया गया।
हादसे के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने और क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लेकर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। गनीमत रही कि ग्रामीणों की तत्परता से मलबे में दबे सभी लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया।

