फर्रुखाबाद।
फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बाइक में पेट्रोल डलवाने पहुंचे एक ग्राहक ने पंप कर्मचारियों पर घटतौली कर कम पेट्रोल देने का आरोप लगा दिया। शिकायत के बाद मौके पर पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीम पहुंची। करीब एक घंटे तक चली जांच के दौरान पेट्रोल की माप को लेकर अधिकारियों और ग्राहक के बीच स्थिति की पड़ताल की गई। एहतियातन संबंधित नोजल को बंद कर दिया गया है। अब मामले की वास्तविक स्थिति संयुक्त जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार हरदोई जिले के गदनपुर निवासी जगपाल अपने साथी सुरजीत और सुधीर के साथ बाइक से फर्रुखाबाद आए थे। उनका कहना है कि उन्होंने उक्त पेट्रोल पंप पर अपनी बाइक में ₹200 का पेट्रोल डलवाया। पेट्रोल डलवाने के बाद उन्हें लगा कि मीटर में दिखाई गई मात्रा और बाइक में पहुंचा पेट्रोल अपेक्षा से कम है। इसको लेकर उन्होंने पंप कर्मचारियों से शिकायत की, लेकिन जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस के डायल-112 पर सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को गंभीरता से लेते हुए आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक और उनकी टीम पेट्रोल पंप पर पहुंची। अधिकारियों ने मशीन, नोजल और माप संबंधी प्रक्रिया की जांच शुरू की। जांच के दौरान ग्राहक की बाइक से पेट्रोल निकालकर उसकी मात्रा मापने की भी कोशिश की गई।
ग्राहक जगपाल का दावा था कि माप के दौरान करीब एक लीटर पेट्रोल कम निकल रहा है। इस दावे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।
वहीं पेट्रोल पंप स्वामी अंचित अग्रवाल ने ग्राहक के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि अधिकारियों की मौजूदगी में मशीन और मेजर की जांच कराई गई और माप सही पाया गया। पंप संचालक के अनुसार पेट्रोल की बिक्री में किसी प्रकार की घटतौली नहीं की गई है।
आपूर्ति विभाग की ओर से भी प्रारंभिक जांच में मशीन का मेजर सही पाए जाने की बात कही गई है। हालांकि विवाद की गंभीरता को देखते हुए जिस नोजल से पेट्रोल डाला गया था, उसे फिलहाल बंद कर दिया गया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद मामला और चर्चा में आ गया।
जांच के दौरान बाइक की टंकी खुलवाकर उसमें मौजूद पेट्रोल की स्थिति देखने को लेकर भी ग्राहक और पंप कर्मचारियों के बीच बहस हुई। पंप कर्मचारियों ने टंकी खुलवाने की बात कही। ग्राहक ने पहले टंकी खोलने से इनकार किया। बाद में मिस्त्री को भी बुलाया गया, लेकिन अंततः बाइक की टंकी नहीं खोली जा सकी। ऐसे में मौके पर ही घटतौली की अंतिम पुष्टि नहीं हो सकी।
पूर्ति विभाग के अनुसार फिलहाल उपलब्ध जांच के आधार पर मौके पर घटतौली की पुष्टि नहीं हुई है। विवाद समाप्त कराने के लिए पंप संचालक की ओर से ग्राहक की बाइक में दोबारा ₹200 का पेट्रोल डलवा दिया गया, जिसके बाद ग्राहक वहां से चला गया।
अब मामले की आगे की जांच के लिए कंपनी के सेल्समैन तथा बांट-माप विभाग से संबंधित संयुक्त कमेटी द्वारा जांच किए जाने की बात कही जा रही है। संबंधित नोजल की जांच, मशीन की माप और अन्य तकनीकी बिंदुओं की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में पेट्रोल की मात्रा में कोई गड़बड़ी थी या शिकायत गलतफहमी के कारण हुई।
कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि ग्राहक के लगाए गए घटतौली के आरोप सही हैं या पेट्रोल पंप की मशीन और माप व्यवस्था वास्तव में दुरुस्त है। फिलहाल संबंधित नोजल को बंद किया जाना और आगे संयुक्त जांच होना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि घटतौली या माप में किसी प्रकार की अनियमितता साबित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। वहीं जांच में आरोप निराधार पाए जाने पर स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।

