कमालगंज/फर्रुखाबाद |
कमालगंज कस्बे के प्रताप नगर मोहल्ले में देर रात एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को दहला दिया। रात करीब 12 बजे अचानक कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से 40 वर्षीय उमेश दब गए। हादसे के बाद वह करीब ढाई घंटे तक मलबे के नीचे फंसे रहे और मदद के लिए लगातार आवाज लगाते रहे।
रात अधिक होने के कारण शुरुआत में किसी को हादसे की भनक नहीं लग सकी। मलबे के नीचे फंसे उमेश अंधेरे में मदद की उम्मीद लगाए चीखते रहे। काफी देर बाद उनकी आवाज भाई श्यामबाबू के कानों तक पहुंची। आवाज सुनते ही श्यामबाबू मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उमेश को मलबे से बाहर निकाला जा सका। करीब ढाई घंटे तक मलबे में दबे रहने के कारण उनके शरीर पर कई जगह चोटें आईं और उनकी हालत देखकर परिजन घबरा गए।
घटना की सूचना के बाद घायल उमेश को एंबुलेंस की मदद से कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. विकास पटेल ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों की निगरानी में घायल का उपचार जारी है।
हादसे के बाद मोहल्ले में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उमेश की आवाज उनके भाई श्यामबाबू तक नहीं पहुंचती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। रात के सन्नाटे में ढाई घंटे तक मलबे के नीचे फंसे उमेश की कहानी ने हर किसी को झकझोर दिया। हादसे ने जर्जर और कच्ची दीवारों के बीच रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

