फर्रुखाबाद/शाहजहांपुर।
कांवड़ यात्रा की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय छात्रा की जान चली गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर कांवड़ यात्रा से लौट रही 11वीं कक्षा की छात्रा अचानक सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार चार पहिया वाहन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के दौरान फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में छात्रा ने दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार हरदोई जनपद के मैकूंपुर गांव निवासी सोमदेव द्विवेदी अपने परिवार और ग्रामीणों के साथ तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर कांवड़ यात्रा पर निकले थे। सभी लोग फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से गंगाजल भरकर शाहजहांपुर के एक मंदिर की ओर जा रहे थे। बुधवार सुबह वापसी के दौरान शाहजहांपुर के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र में इमलिया गांव के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया।
बताया गया कि पल्लवी द्विवेदी बीच वाली ट्रॉली में बैठी थी। अचानक वह ट्रॉली से नीचे सड़क पर जा गिरी। इससे पहले कि साथी कांवड़िए कुछ समझ पाते, पीछे से आ रहे चार पहिया वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और साथी कांवड़ियों ने आनन-फानन में घायल छात्रा को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने पल्लवी को फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों की उम्मीद उस समय टूट गई, जब अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
सबसे छोटी थी पल्लवी, परिवार में मचा कोहराम
पल्लवी कक्षा 11 की छात्रा थी और चार भाई-बहनों में सबसे छोटी बताई गई है। उसके भाई-बहनों में प्रशांत, प्रिया और आयुषी शामिल हैं। बेटी की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं हादसे की खबर से साथ चल रहे कांवड़िए भी गमगीन हो गए।
कांवड़ यात्रा के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर खुले वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सफर के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि यात्रा के दौरान वाहन में सुरक्षित बैठने, क्षमता से अधिक सवारी न करने और सड़क सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखें, ताकि आस्था की यात्रा किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द न बन जाए।

