फर्रुखाबाद/
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की पुरुष इमरजेंसी में मंगलवार शाम ऑक्सीजन सिलेंडर का फ्लो मीटर अचानक तेज धमाके के साथ फटने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में ऑक्सीजन सिलेंडर चेक कर रहा वार्ड बॉय घायल हो गया। वहीं धमाके के बाद कमरे में ऑक्सीजन गैस फैलने और दरवाजा बंद होने से नर्स समेत कई कर्मचारी अंदर फंस गए। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर स्टाफ ने वेंटिलेटर का शीशा तोड़कर मदद के लिए आवाज लगाई। सूचना पर पहुंचे डॉक्टरों और कर्मचारियों ने दरवाजा खोलकर सभी को बाहर निकाला।
मंगलवार शाम करीब चार बजे पुरुष इमरजेंसी के नर्सिंग स्टाफ कक्ष में वार्ड बॉय सरल कुमार ऑक्सीजन सिलेंडर की गैस की मात्रा जांच रहे थे। बताया गया कि रेगुलेटर लगाने के बाद भी फ्लो मीटर ऊपर नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने रिंच की मदद से उसे खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक गैस के दबाव के चलते फ्लो मीटर तेज धमाके के साथ फट गया।
धमाका होते ही कमरे में मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में सरल कुमार के दोनों हाथों और पेट में चोटें आईं। घटना के बाद कमरे में ऑक्सीजन गैस फैलने से वहां मौजूद स्टाफ घबरा गया। सिस्टर पूनम के अलावा प्रशिक्षण ले रहे धनपाल, साधना और अन्य कर्मचारी भी कमरे में मौजूद बताए गए।
इधर, धमाके के बाद कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण अंदर फंसे कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ गई। उन्होंने बाहर मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आवाज लगाई और अलमारी आदि पीटकर मदद मांगने का प्रयास किया, लेकिन उनकी आवाज बाहर नहीं पहुंच सकी। काफी प्रयास के बाद नर्स ने दरवाजे के ऊपर बने वेंटिलेटर का शीशा तोड़ दिया। शीशा टूटने के बाद उनकी आवाज बाहर पहुंची तो डॉक्टरों और कर्मचारियों ने दरवाजा खोलकर अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घायल वार्ड बॉय को उपचार दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने घटना के बाद ऑक्सीजन उपकरण की स्थिति की जानकारी ली।
गनीमत रही कि हादसे के दौरान कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि ऑक्सीजन सिलेंडर के फ्लो मीटर के फटने और स्टाफ के कमरे में फंसने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों में भी हादसे को लेकर काफी देर तक दहशत का माहौल रहा।

