अमृतपुर/फर्रुखाबाद/
अमृतपुर तहसील में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में लोगों की समस्याओं का अंबार लग गया। कुल 138 शिकायतें अधिकारियों के सामने पहुंचीं, लेकिन मौके पर केवल 4 मामलों का ही निस्तारण हो सका। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अलावा पुलिस, विकास, विद्युत, खाद्य एवं रसद तथा अन्य विभागों से संबंधित मामलों को लेकर भी बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। भूमि विवाद, पैमाइश, अवैध कब्जे, सड़क, जल निकासी, बिजली आपूर्ति, पेंशन और जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गंभीर मामलों को प्राथमिकता पर लेकर पीड़ितों को शीघ्र राहत दी जाए और सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए।
तहसील दिवस के दौरान प्राप्त 138 शिकायतों में राजस्व विभाग की 55, पुलिस की 26, विकास विभाग की 22, विद्युत विभाग की 6, खाद्य एवं रसद विभाग की 8 तथा अन्य विभागों की 21 शिकायतें शामिल रहीं। इनमें से केवल 4 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में पौधारोपण कर लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने कुठला झील का निरीक्षण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को झील क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई कराने तथा पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास करने के निर्देश दिए, ताकि यह क्षेत्र जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सके और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, तहसीलदार शशांक सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
