कायमगंज/फर्रुखाबाद।
कायमगंज कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में मुंसिफ न्यायालय स्थापित किए जाने की चर्चा के बाद स्थानीय व्यापारियों में तीव्र असंतोष देखने को मिला। मामला उस समय गरमा गया जब उपजिलाधिकारी ने मंडी समिति के पुराने कार्यालय भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की सूचना बाजार में फैलते ही विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी सक्रिय हो गए और प्रस्तावित व्यवस्था का विरोध शुरू कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री तथा अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से मंडी सचिव से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। व्यापारी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि मंडी परिसर का उद्देश्य किसानों और व्यापारियों को सुगम व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में यहां न्यायालय की स्थापना होने से मंडी का मूल स्वरूप प्रभावित होगा।
व्यापारियों का कहना है कि न्यायालय संचालित होने पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वादकारी, अधिवक्ता और अन्य लोग मंडी परिसर में पहुंचेंगे। इससे यातायात का दबाव बढ़ेगा, किसानों को अपनी उपज लेकर आने-जाने में कठिनाई होगी तथा व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। उनका आरोप है कि इससे मंडी में जाम की समस्या बढ़ेगी और कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि मुंसिफ न्यायालय के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए, जिससे किसानों और व्यापारियों के हित प्रभावित न हों। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंडी परिसर में न्यायालय स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो सभी व्यापारिक संगठन एकजुट होकर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम सहित अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान व्यापारी नेता शानू खां सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के अनेक पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के बाद मंडी क्षेत्र में दिनभर इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा।
