खनन विभाग को लग रहा लाखों का चूना; रात के बाद अब दिन के उजाले में भी सीना तानकर दौड़ रहे अवैध ट्रैक्टर-ट्रॉली
शमशाबाद/ फर्रुखाबाद।
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय शमशाबाद थाना पुलिस की कथित लापरवाही और उदासीनता के चलते खनन माफिया पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं। इस अवैध कारोबार के जरिए माफिया जहां चांदी काट रहे हैं, वहीं सरकार और खनन विभाग को हर महीने हजारों-लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। परमिशन की आड़ में नियमों के साथ जमकर खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह खामोश बैठे हैं।
रात का अंधेरा छोड़ दिन के उजाले में खेल
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना यह अवैध कारोबार अब किसी से छिपा नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो माफिया पहले केवल रात के अंधेरे में इस काम को अंजाम देते थे, वे अब दिन के उजाले में भी बेखौफ होकर अवैध खनन कर रहे हैं। मिट्टी से ओवरलोड भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़कों पर खुलेआम दौड़ते देखा जा सकता है।
इन गांवों में सक्रिय है माफिया का तंत्र
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शमशाबाद क्षेत्र के कई गांवों में यह अवैध कारोबार पूरी तरह पैर पसार चुका है:
- वेला सराय गजा: यहां खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी उठाई जा रही है।
- अन्य प्रभावित इलाके: नैगमा, फरीदपुर, मंगलीपुर, सरपारपुर, छछोनापुर, कटिया और उगरपुर। इन इलाकों में सुबह-सुबह या दिन के किसी भी वक्त अवैध मिट्टी से लदे वाहनों को आसानी से देखा जा सकता है।
पुलिस को देते हैं प्रति ट्रैक्टर फिक्स रुपया – माफिया के हौसले बुलंद
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों का दावा है कि अवैध खनन में लिप्त माफिया खुलेआम यह धौंस जमाते हैं कि उन्हें पुलिस का पूरा संरक्षण प्राप्त है। माफियाओं का कहना है कि:
हम शमशाबाद थाना पुलिस को प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से बंधी-बंधाई रकम देते हैं। कोई कितनी भी खबरें लगा ले या शिकायत कर ले, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इस खुलेआम चुनौती के बाद स्थानीय जनता का भी यही मानना है कि बिना प्रशासनिक और पुलिसिया संरक्षण के इतना बड़ा खेल दिन-दहाड़े मुमकिन नहीं है। खबरों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का ‘बेखबर’ बने रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
भौगोलिक स्थिति से खिलवाड़ और हादसों का डर
माफिया केवल अवैध खनन ही नहीं कर रहे, बल्कि तय मानकों का भी पूरी तरह उल्लंघन कर रहे हैं। बिना किसी वैज्ञानिक या कानूनी मापदंड के बेतरतीब तरीके से की जा रही खुदाई के कारण क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति विकृत होती जा रही है, जिससे भविष्य में पर्यावरण को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।
इसके अलावा, पकड़े जाने के डर से ये ट्रैक्टर चालक मुख्य रास्तों को छोड़कर ग्रामीण और संकरे रास्तों से वाहनों को बेहद तेज रफ्तार (ओवरस्पीडिंग) में भगाते हैं। मिट्टी ठिकाने लगाने की इस आपाधापी में ये वाहन आए दिन भीषण दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
विजिलेंस की कार्रवाई का भी नहीं रहा खौफ
गौरतलब है कि अभी कुछ ही दिन पहले कानपुर की विजिलेंस टीम ने एक खनन अधिकारी को 24,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्र में अवैध खनन पर लगाम लगेगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि कार्रवाई के बाद भी माफियाओं के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं।
जनता की मांग:
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि शमशाबाद थाना क्षेत्र में चल रहे इस अवैध खेल को गंभीरता से लिया जाए। नियमों के विरुद्ध अमानक खनन करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों व माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
