पुलिस ने महिला अपराधों की विवेचना हेतु विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया

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पुलिस ने महिला अपराधों की विवेचना हेतु विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया

जनरल फोर्स ब्यूरो

एटा । पुलिस अधीक्षक नगर, श्वेताभ पाण्डेय द्वारा पुलिस लाइंस स्थित बहुउद्देश्यीय हॉल में जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचकों के लिए महिला संबंधी अपराधों, विशेषकर बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना हेतु विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण एसएसपी एटा डॉ. इलामारन जी. के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें पीपीटी के माध्यम से थानों पर नियुक्त अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि महिला अपराधों की जांच में निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए:

मुख्य दिशा-निर्देश:

1. पीड़िता के बयान: महिला संबंधी अपराधों में पीड़िता का बयान महिला अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाए। सर्वोच्च न्यायालय और डीजीपी मुख्यालय द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन अनिवार्य होगा।

2. फोरेंसिक साक्ष्य संकलन: घटनास्थल से साक्ष्य संकलन के लिए फोरेंसिक टीम की सहायता ली जाए। ‘चैन ऑफ कस्टडी’ बनाए रखने के साथ साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए ताकि न्यायालय में उनकी विश्वसनीयता बनी रहे।

3. विधिक प्रावधानों का पालन: बयान और चिकित्सा परीक्षण के दौरान भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) का कड़ाई से पालन किया जाए। पीड़िता को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी दी जाए।

4. समयबद्ध विवेचना: पीड़िता की चिकित्सा रिपोर्ट अधिकतम 7 दिवस के भीतर प्राप्त कर आरोप-पत्र न्यायालय में भेजा जाए। विलंब के लिए विवेचक जिम्मेदार होगा।

एसएसपी एटा डॉ. इलामारन जी. ने प्रशिक्षण में स्पष्ट किया कि महिला अपराधों की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या विधिक प्रक्रिया के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह समेत सभी प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचक उपस्थित रहे।

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