- तीन दिवसीय उर्स में गूंजा मोहब्बत, सौहार्द और भाईचारे का संदेश
- गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी अनूठी मिसाल, बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
रिपोर्ट सुधीर सिंह |
कायमगंज, फर्रुखाबाद। कस्बे की ऐतिहासिक दरगाह हजरत बाबा जूही शाह पर आयोजित 68वें तीन दिवसीय सालाना उर्स का शुभारंभ बुधवार को बेहद श्रद्धा, आस्था और अकीदत के माहौल में हुआ। उर्स का आगाज कुरान मजीद की तिलावत और फातिहाख्वानी के साथ किया गया। पहले ही दिन दरगाह परिसर में श्रद्धा, आध्यात्मिकता और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में नगर व दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा की बारगाह में चादर और फूल पेश कर अमन, खुशहाली और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं।
डेढ़ सौ वर्षों से जारी है साधु-संत सम्मान की परंपरा
दरगाह के सज्जादानशीन एवं जानशीन सूफी हजरत मुशीर अहमद कादरी चिश्ती वारसी ने बताया कि यह उर्स हजरत बाबा जूही शाह के विसाल (पुण्यतिथि) की याद में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। उन्होंने दरगाह की एक प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा:
बाबा जूही शाह के समय से ही, लगभग डेढ़ सौ वर्षों से यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है कि फातिहा के बाद साधु-संतों को सम्मानपूर्वक भोजन कराकर उन्हें वस्त्र एवं दक्षिणा भेंट की जाती है। इसके साथ ही आयोजित कन्या भोज में भी विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की, जो हमारी गंगा-जमुनी तहजीब की जीती-जागती मिसाल है।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा जूही शाह का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को जाति, धर्म, ऊंच-नीच और अमीरी-गरीबी के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने, प्रेम और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संदेश देती हैं।
विशाल भंडारा और गणमान्य नागरिकों का सम्मान
उर्स के प्रथम दिन एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर समाज सेवा, शिक्षा, व्यापार एवं जनहित के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभिन्न हस्तियों को शॉल ओढ़ाकर एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रमुख रूप से सम्मानित होने वाले अतिथि:
- अरुण दुबे (ब्लॉक प्रमुख)
- रश्मि दुबे (भाजपा जिला उपाध्यक्ष)
- संदेश राजपूत (भाजपा जिला उपाध्यक्ष)
- संजय गुप्ता (व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष)
- अमित सेठ (नगर अध्यक्ष)
- आसिफ मंसूरी (पूर्व सभासद)
- डॉ. अतुल गंगवार (नेत्र रोग विशेषज्ञ), मधु गंगवार तथा अनिल गंगवार।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने अपने संबोधन में युवाओं से बाबा के आदर्शों को अपनाने और समाज व राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा
उर्स के पहले दिन की रात को नमाज-ए-ईशा के बाद मीलाद शरीफ जलसे का आयोजन तय किया गया है, जिसमें विभिन्न शहरों से आए उलेमा-ए-किराम (धर्मगुरु) सूफी संतों की शिक्षाओं पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके उपरांत नातिया महफिल सजेगी, जिसमें अकीदतमंद बारगाह-ए-रसूल में नजराना-ए-अकीदत पेश करेंगे।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में अमीर हुसैन, तमहीद, तौहीद, फरजान, अमरेश गंगवार, नोमान सिद्दीकी, जुबैर, जमीर अहमद, धनेश गौर, सनी बॉथम, पवन बॉथम, मुन्नालाल, संजय शर्मा, विनय सक्सेना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों का विशेष सहयोग और उपस्थिति रही।
