कायमगंज/फर्रुखाबाद |
रिपोर्ट सुधीर सिंह |
विद्यालय परिसर में महात्मा गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी सहित विविध सांस्कृतिक व खेलकूद कार्यक्रमों का आयोजन धूमधाम से किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात शिक्षाविद प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ‘रत्नेश’ ने कहा कि महात्मा गांधी ने ग्राम विकास, संस्कृत शिक्षा, जन-जागरण और राजनीतिक शुचिता के आधार पर देश में ‘रामराज्य’ की रूपरेखा तैयार की थी। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान’ का अमर नारा देकर देश को अजेय और समृद्ध बनाने की मजबूत योजना पेश की।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रख्यात गीतकार पवन बाथम ने अपनी राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत पंक्तियों— “आजादी से नहीं बड़े हैं मजहब और धर्म, आओ मिलकर गायें वंदे मातरम” —के माध्यम से प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया।
संस्था के प्रधानाचार्य शिवकांत शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें गांधी जी से समय की पाबंदी और शास्त्री जी के जीवन से सादगी, ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुषों को अपना आदर्श मानकर देश के नवनिर्माण में योगदान देना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा अनेकों सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेलकूद प्रतियोगिताएं प्रस्तुत की गईं, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अजीत सिंह, विपिन पाठक, सौरभ चतुर्वेदी, दिव्या पाल, सिम्मी पाल, मेहर नाज, ज्योति शर्मा, मुबाशिरा मंसूरी, असमी खान, नेहा शर्मा, वर्षा, हितेश कुमार, शाहिद सहित विद्यालय परिवार के शिक्षक व अन्य लोग उपस्थित रहे।

