फर्रुखाबाद/
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत जिले में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में स्थापित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण तथा नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि जनपद की कुल 580 ग्राम पंचायतों में से 09 ग्राम पंचायतों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के आरआरसी से संबद्ध कर संचालन कराया जा रहा है। वहीं विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर में भूमि संबंधी कारणों से आरआरसी का निर्माण कार्य अभी प्रारंभ नहीं हो सका है।
जिले की 570 ग्राम पंचायतों में स्थापित आरआरसी में से वर्तमान समय में 452 रिसोर्स रिकवरी सेंटर पूरी तरह संचालित हैं। इन पंचायतों में नियमित रूप से घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। शेष केंद्रों को भी शीघ्र संचालित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत 545 ग्राम पंचायतों को आरआरसी संचालन एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निर्धारित मदों की क्रेडिट लिमिट दो दिन पूर्व जारी कर दी गई है। भुगतान में विलंब के कारण कुछ स्थानों पर आरआरसी परिसरों में झाड़ियों की सफाई एवं अन्य स्वच्छता कार्य प्रभावित हुए थे, जिन्हें अब तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जनपद के सभी विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी आरआरसी की तत्काल साफ-सफाई कराकर उन्हें पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाएं तथा नियमित संचालन सुनिश्चित करें। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिला प्रशासन का कहना है कि शीघ्र ही जनपद के सभी रिसोर्स रिकवरी सेंटर पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होंगे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं टिकाऊ बन सके।
