अमृतपुर/फर्रुखाबाद |
बाढ़ के कहर के बीच जहरीले सांपों का खतरा भी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। अमृतपुर थाना क्षेत्र के असम तितरफा गांव में रात एक दर्दनाक हादसे में 37 वर्षीय महिला की सर्पदंश से मौत हो गई। घर में चारपाई उपलब्ध न होने के कारण महिला जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। महिला की मौत से उसके छह मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, कायमगंज क्षेत्र के पैथान गांव निवासी प्रवेश की पत्नी शीतल पिछले करीब छह महीने से अपने छह बच्चों के साथ असम तितरफा गांव में अपनी ताई निर्मला के घर रह रही थी। निर्मला की कोई संतान नहीं है, जिसके चलते उन्होंने अपनी भतीजी और उसके बच्चों को अपने पास रखा हुआ था।
बताया गया कि बाढ़ के चलते इन दिनों क्षेत्र में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु निचले इलाकों से निकलकर घरों तक पहुंच रहे हैं। शाम खाना खाने के बाद शीतल घर के अंदर जमीन पर लेट गई। इसी दौरान अंधेरे में पहुंचे जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। कुछ देर बाद हालत बिगड़ने पर परिजन घबरा गए और आनन-फानन उसे उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद शीतल को मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजन बदहवास हो गए। अस्पताल से शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी और झाड़-फूंक का सहारा भी लिया, लेकिन शीतल की जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना से गांव में भी मातम पसर गया।
शीतल अपने पीछे छह बच्चों विशाल, गोलू, नैंसी, अरमान, अनिकेत और पारुल को छोड़ गई है। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की इस स्थिति ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों की मुश्किलों को और उजागर कर दिया है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
अमृतपुर थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी ने बताया कि परिजनों की ओर से प्रार्थना पत्र मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
बाढ़ के बीच बढ़ा सर्पदंश का खतरा
बाढ़ का पानी घटने-बढ़ने के दौरान सांप सुरक्षित ठिकाने की तलाश में घरों, छप्परों और ऊंचे स्थानों की ओर पहुंच रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों से जमीन पर सोने से बचने, रात में घर के अंदर-बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने और सांप के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की जा रही है।

