राजेपुर/फर्रुखाबाद ।
विकासखंड राजेपुर के प्राथमिक विद्यालय महोलिया में शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के औचक निरीक्षण में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। विद्यालय में पंजीकृत 95 बच्चों में से महज 10 बच्चे ही उपस्थित मिले। वहीं निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शनिवार का मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) भी नहीं बनाया गया था। 27 अगस्त के एमडीएम का कोई रिकॉर्ड भी विद्यालय में उपलब्ध नहीं मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनुराग राठौर, विजय द्विवेदी और जितेंद्र कुमार कुल तीन शिक्षक तैनात हैं। निरीक्षण के समय इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनुराग राठौर मौजूद मिले। बताया गया कि शिक्षक विजय द्विवेदी प्रशिक्षण में गए हैं, जबकि जितेंद्र कुमार अवकाश पर हैं।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में छात्र पंजीकरण, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की मौजूदगी, साफ-सफाई, एमडीएम, अनुशासन और शिक्षण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान छात्र उपस्थिति समेत कई व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं। 95 पंजीकृत बच्चों में केवल 10 बच्चों की उपस्थिति विद्यालय की नियमित शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
सबसे गंभीर स्थिति मध्यान्ह भोजन को लेकर सामने आई। निरीक्षण के दिन विद्यालय में बच्चों के लिए एमडीएम तैयार नहीं किया गया था। इसके अलावा 27 अगस्त को एमडीएम बनाए जाने का कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इससे एमडीएम व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका को बल मिला है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य करने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यालय परिसर और कक्षाओं में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, बच्चों को मानकों के अनुरूप पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने और शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने पर जोर दिया। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कराने तथा नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा और सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

