रिपोट गोपाल सक्सेना |
राजेपुर/फर्रुखाबाद |
विकासखंड राजेपुर की ग्राम पंचायत कोला सोता के उचित दर विक्रेता अवधेश सिंह के खिलाफ राशन वितरण में अनियमितता और खाद्यान्न की कथित कालाबाजारी के आरोपों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन पर उचित दर दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना अमृतपुर में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोटेदार के खिलाफ प्राप्त शिकायत की जांच पूर्ति निरीक्षक अमृतपुर द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई। जांच के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थियों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न के रखरखाव और वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया। आरोप है कि सरकारी खाद्यान्न को लाभार्थियों तक पहुंचाने के बजाय उसका डायवर्जन कर कालाबाजारी की गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार 41.728 क्विंटल गेहूं, 76.357 क्विंटल चावल, 99 किलोग्राम चीनी, 11.45 क्विंटल मक्का तथा 28.80 क्विंटल बाजरा के संबंध में अनियमितता पाए जाने की बात कही गई है। इसी आधार पर जिलाधिकारी के 19 जुलाई 2026 के अनुमोदन के बाद कोटेदार का अनुबंध निलंबित करने और विधिक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए।
जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनपद के सभी उचित दर विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से राशन का वितरण सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में किसी भी कोटेदार के विरुद्ध कालाबाजारी, राशन में गड़बड़ी या अन्य शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा, सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग पर रोक लगाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
