संचारी रोगों की रोकथाम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम
बुखार की सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्र में लगेगा स्वास्थ्य शिविर, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जागरूकता फैलाने के निर्देश
जनरल फोर्स ब्यूरो
एटा । जिले में संचारी रोगों और मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभियान चलाकर घर-घर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बुखार की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर मेडिकल कैंप लगाए और मरीजों की जांच एवं उपचार सुनिश्चित करे। बीमारी की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
डीएम ने जिला पंचायत राज विभाग एवं नगरीय निकायों को नालियों की नियमित सफाई कराने, जलभराव समाप्त करने और मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने को कहा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन की गई कार्रवाई की वास्तविक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी गांव या मोहल्ले में बुखार फैलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंचे। मरीजों की जांच कर रक्त के नमूने लिए जाएं और आवश्यकता के अनुसार डेंगू सहित अन्य बीमारियों की जांच कराकर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।
स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कराया जाए। जिन आशा कार्यकर्ताओं द्वारा एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया गया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाए। इसके अलावा बच्चों के नियमित टीकाकरण, आशाओं के मानदेय और जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के भुगतान में तेजी लाने को कहा।
डीएम ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम एवं मातृ मृत्यु समीक्षा कार्यक्रम के तहत पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को शीघ्र पूरा कराने तथा लाभार्थियों के बैंक खातों और आईएफएससी कोड से जुड़ी कमियों को दूर कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को टीकाकरण से छूटे बच्चों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि सभी पात्र बच्चों का टीकाकरण कराया जा सके। वहीं 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवाओं का रिस्पांस टाइम निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और जरूरतमंद मरीजों को समय से एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आभा आईडी निर्माण में तेजी लाने तथा परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्र सहित अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त एमओआईसी, खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
