बारिश से पहले एक्शन मोड में डीएम: नालों, एसटीपी और गौशाला का किया निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त चेतावनी |

By
Manoj Jauhri
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित...
3 Min Read

फर्रुखाबाद।

मानसून के दौरान जलभराव, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गुरुवार को शहर के सिविल लाइन नाले, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा विकासखंड मोहम्मदाबाद के ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नाराजगी जताई।

सबसे पहले जिलाधिकारी ने सिविल लाइन नाले का निरीक्षण कर बरसात के मौसम में जल निकासी की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों की नियमित सफाई कराई जाए ताकि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि नाले की सफाई के बाद निकाले गए कूड़े को जेसीबी के माध्यम से तत्काल निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाए तथा पूरे कार्य की जियो टैगिंग कर फोटो उपलब्ध कराई जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पहुंचकर प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता और सीवेज शोधन व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि एसटीपी तक पहुंचने वाले नालों की सिल्ट की सफाई कराकर अधिक से अधिक सीवेज प्लांट तक लाया जाए, ताकि शोधित पानी को स्वच्छ रूप में गंगा नदी में प्रवाहित किया जा सके।

निरीक्षण के तीसरे चरण में जिलाधिकारी ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने संरक्षित गोवंश की संख्या, उनके चारे, पेयजल, उपचार तथा साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि गोवंश के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आश्रय स्थल पर पर्याप्त हरे चारे, स्वच्छ पेयजल और पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डीएम ने वृक्षारोपण अभियान के तहत गौशाला परिसर में अधिक से अधिक छायादार एवं सहजन के पौधे लगाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने गौशाला परिसर में ही हरे चारे की खेती विकसित करने और ऊर्जा की बचत के लिए सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार लाने तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान नगर पालिका के अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Subscribe Newsletter

Loading
Share This Article
Manoj Jauhri ब्यूरो चीफ (फर्रुखाबाद) - एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो राजनीति, अपराध, शिक्षा, मनोरंजन और स्थानीय समाचारों पर पोस्ट करते हैं। वे तथ्यों पर आधारित और विश्वसनीय समाचार सामग्री तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *